गाजीपुर। मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई दरिंदगी और महिला पहलवानों के यौन शोषण के सवाल पर पीएम चुप्पी साधे हैं। देश में महिलाओं की इज्जत के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है लेकिन मोदी ने मौन धारण किया है। उनकी जुबान केवल अपनी तारीफ और अदाणी तथा अंबानी के हितों के रक्षा के लिए खुलती है। यह बातें सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने रविवार को कहीं। वह सैदपुर के पिपनार में समाजवादी आंदोलन के सिपाही अर्जुन राय की तृतीय पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा जानबूझकर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रही है। वह दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को संवैधानिक व्यवस्था से बाहर कर रही है। उन्होंने भाजपा सरकार से जातिगत जनगणना कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार दलितों, पिछड़ों की लड़ाई लड़ते हुए केंद्र सरकार से जातिगत जनगणना कराने के लिए संघर्ष कर रही है। लेकिन, भाजपा सरकार वंचितों को उनका हक नहीं देना चाहती है। इसलिए वह जातिगत जनगणना न कराने का हठ पाल रखी है। समाजवादी आंदोलन व्यवस्था परिवर्तन और सामाजिक न्याय की लड़ाई है। चुनाव उसके लिए एक पड़ाव है। लोकतंत्र को कमजोर करने वालों को अर्जुन राय के रास्ते पर चलकर अपने संघर्ष, समाजवादी सिद्धांतों से लैस होकर करारा जवाब देना है। इतिहास गवाह है कि जिसने भी लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की है, जनता ने उसे सत्ता से बेदखल कर करारा सबक सिखाने का काम किया है। इसके पूर्व वह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते लखनऊ से चलकर हैदरगंज होते हुए मरदह, बिरनो, महराजगंज, नंदगंज, देवकली, सैदपुर होते हुए पिपनार पहुंचे। रास्ते भर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर पार्टी जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, अरूण श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव रमेश पांडेय, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, विधायक ओमप्रकाश सिंह, डॉ. विरेंद्र यादव, जैकिशन साहू, राजकुमार पांडेय, संजय कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
संघर्षों के कोख से पैदा हुए थे अर्जुन राय
गाजीपुर। अर्जुन राय के बारे में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह आजीवन अपने खून और पसीने से समाजवादी आंदोलन को सींचते रहे। वह संघर्षों की कोख से पैदा हुए थे। वह पार्टी के समर्पित, कर्मठ, संघर्षशील तथा समाजवादी आंदोलन के प्रणेता थे। वह समाजवादी विचारों एवं सिद्धांतों से हमेशा लैस रहे। लाख परेशानियों के बावजूद उन्होंने कभी भी अपने वसूलों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वह आजीवन समाजवादी पार्टी को मजबूत करने का काम करते रहे। समाजवादी पार्टी उनके योगदान को कभी नहीं भूलेगी।