मोदी सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल में अब तक किसानों के साथ विश्वासघात किया है। बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसल को देख कई किसानों की हृदयगति रुकने से जान चली गई। बहुत से किसानों ने आत्महत्या कर ली। किसानों को राहत देने के नाम पर कुछ नहीं किया गया।
ये बातें अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने मंगलवार को सरजू पांडेय पार्क में हुई सभा में कहीं।
अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले सरजू पांडेय पार्क में धरना देकर किसानों ने मंगलवार का दिन विश्वासघात दिवस के रूप में मनाया।
इस दौरान सभा में कुशवाहा ने कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी, कारपोरेट परस्त नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश में कर्ज में डूबे किसानों की सदमे से जान चली गई।
फसल बर्बाद होने से तबाह हुए किसानों को अभी तक कोई राहत नहीं दी गई। अच्छे दिन लाने और कालाधन विदेशों से लाकर हर परिवार को 15 लाख रुपये देने, महंगाई रोकने तथा किसानों को लागत का पचास फीसदी बढ़ाकर समर्थन मूल्य देने की बात कर सत्ता में आई सरकार देशी-विदेशी पूंजीपति घरानों के लिए किसानों की जमीन हड़पने पर अमादा है।
नए भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ किसान जान की कीमत लगाकर लड़ेंगे और अपनी जमीन बचाएंगे। कहा कि किसानों की मर्जी के बगैर कोई भी सरकार उनकी जमीन नहीं ले सकती है। जीएम बीजों का खतरा भी देश और किसानों पर मंडरा रहा है। क्योंकि मोदी सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं जमीन की गुणवत्ता की चिंता किए बगैर कई अमेरिकी बीज कंपनियों को देश में कारोबार करने की छूट देने का काम कर रही है। सभा को कमलाकर राम, राजेश वनवासी, विजय बहादुर सिंह, मनोज कुशवाहा, आजाद यादव, नंदकिशोर बिंद ने संबोधित किया। इस मौके पर योगेंद्र प्रताप भारती, अमरनाथ पासवान, वीरेंद्र गौतम, सत्येंद्र कुमार प्रजापति, हंसलाल कुशवाहा, ज्ञानचंद्र मौर्य मौजूद थे। संचालन प्रमोद कुशवाहा ने किया।