शासन की ओर से मनरेगा मजदूरों की सहूलियत और ग्राम पंचायत को सशक्त करने की कवायद की जा रही है। जिसके तहत लॉगिन से एमआईएस पर वर्क आईडी बनाने से लेकर अकुशल मजदूरों की मजदूरी भुगतान के लिए सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
प्रदेश सरकार ब्लॉक पर निर्भरता कम करने के साथ समय और संसाधनों का सदुपयोग करने के लिए ग्राम पंचायतों को सशक्त कर रहा है। इस क्रम में एमआईएस पर विभिन्न काम ग्राम पंचायत स्तर से कराए जाएंगे। इसमें श्रमिकों से कार्य के लिए मांग पत्र को मंगाने से लेकर एमआईएस पर चढ़ाने तक का काम होगा।
ऐसे ही पंचायत स्तर पर ही स्वीकृत कार्य योजना में से वर्क आइडी जनरेट किया जाएगा। साथ ही कार्य का स्टीमेट, कार्य की तकनीकी स्वीकृति, कार्य का जियो टैगिंग, श्रमिकों को मांग के सापेक्ष ससमय कार्य का आवंटन करना, ई-मस्टर रोल जारी करना, मस्टर रोल फीड करना, मस्टर रोल की वेजलिस्ट बनाना, सामग्री का बिल बाउचर फीड करना, मैटेरियल लिस्ट तैयार करना, भुगतान के लिए विकासखंड के लेखाकार के लॉगिन में भेजने का काम होगा।
वहीं, ब्लॉक स्तर से पंचायतवार डाटा इंट्री लॉगिन बनवाया जाएगा। फिलहाल, 20 से 30 अगस्त के बीच पंचायत सहायक या रोजगार सेवकों को डाटा इंट्री के भूमिका प्रदान करने का निर्देश है। वहीं, ब्लॉक की तरफ से ग्राम पंचायत स्तर से कराए गए सभी कामों और उनकी फीडिंग की तुलना में भुगतान से पहले स्थलीय निरीक्षण का दायित्व विकासखंड के कार्यक्रम अधिकारी और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी से कराने का काम होगा। इस बारे में उपायुक्त मनरेगा देवनंदन दुबे ने बताया कि शासनादेश मिला है। इसकी कार्यवाही शुरू हो गई है। अगले कुछ दिनों में पचायत स्तर पर काम दिखेगा।