उप्र मनरेगा कर्मचारी महासंघ ने सोमवार को प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 10 सूत्री मांगों के समर्थन में विकास भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस अवसर पर नागेंद्र यादव ने कहा कि उनकी मांग काफी समय से लंबित है। उन्होंने मनरेगा कार्मिकों को राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग की। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने हमारी 10 सूत्री मांगों पर सम्मानजनक निर्णय नहीं लिया तो 26 जुलाई को प्रदेश के हजारों कर्मचारी लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर अपनी शक्ति का अहसास कराएंगे। कार्य बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दुबे एवं जिला मंत्री ओमप्रकाश यादव ने समर्थन दिया। नेता द्वय ने प्रशासन को चेतावनी दिया कि आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ अगर किसी प्रकार की उत्पीड़न की कार्रवाई की गई तो परिषद चुप नहीं बैठेगा। इस अवसर पर मनीष सिंह, सूबेदार स्नेही, पुनीत त्रिपाठी,, कृष्णकुमार भारती, शंभू यादव, शीला यादव, मीना पांडेय, सुशीला मौजूद थीं। अध्यक्षता नितेश सिंह एवं संचालन नागेंद्र यादव ने किया।