गहमर। पथरा गांव के राष्ट्रीय राजमार्ग के पटरी पर झोपड़ी डालकर गुजर बसर कर रहे परिवारों को तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर तहसीलदार सेवराई ने करहिया गांव में आवास निर्माण के लिए भूमि आवंटित कर कब्जा दखल कराया था। मनबढ़ों ने झोपड़ी गिराकर मारपीट कर उन्हें भगा दिया। शुक्रवार को पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
पथरा गांव निवासी पकौड़ी डोम, लालजी, करिया, भोलू व पालजी, राजेश, मुन्ना व अमिताभ बच्चन ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि पथरा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 124 सी के पटरी पर झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहते हैं। बीते पांच अप्रैल की रात अनियंत्रित ट्रक ने झोपड़ी को रोंद दिया था। ट्रक की चपेट में आकर लालजी डोम के तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने प्रभावित परिवार सहित सड़क के पटरी पर रहने वाले परिवारों को आवास निर्माण के लिए पथरा गांव के किसी समुचित स्थल पर भूमि चिह्नित कर आवंटित करने का निर्देश दिया था। तहसील प्रशासन ने करहिया में ग्राम समाज की भूमि सभी पात्र परिवारों को भूमि आवंटित की थी। वह काबिज होकर झोपड़ी डालकर रहे थे। करहिया गांव निवासी संजय सिंह, मन्नू सिंह, नीरज सिंह, शक्ति सिंह ने पीड़ित परिवार को मारपीटकर भगा दिया और झोपड़ी भी गिरा दी। प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्जकर छानबीन की जा रही है।