नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने शुक्रवार को धर्मार्थ कार्य मंत्री विजय मिश्र पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंत्री नगर के विकास कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं। आरोप लगाया कि पहले उन्होंने नगर पालिका की
ओर से कराए गए विकास कार्यों के शिलापट्ट को हटवाया और अब 21 करोड़ की लागत से होने वाले कार्यों से संबंधित टेंडर को रुकवाने के लिए दबाव बनाया।
रोडवेज स्थित एक मैरेज हाल में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि उनके
अब तक के कार्यकाल में 50 करोड़ का विकास कार्य हुआ है। लेकिन माननीय बताएं कि उन्होंने नगर का कितना विकास
कराया। जो भी विकास कार्य कराया उसे बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद ही कराया। उन्होंने कहा कि ईओ की अनुपस्थिति में कर अधीक्षक को वित्तीय अधिकार को छोड़ अन्य अधिकार है। ऐसे में कर अधीक्षक के दस्तखत से टेंडर
आमंत्रित करना अवैधानिक नहीं है। उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह और पंचायती राज मंत्री कैलाश यादव ने अपने क्षेत्र की नगर पंचायतों को विकास में भरपूर सहयोग प्रदान किया है जिससे वहां विकास कार्य हो रहा है। दावा
किया कि यदि कोई उनके ऊपर दोष सिद्ध कर दे तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे लेकिन गड़बड़ी नहीं होने देंगे। उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक संगठनों और बार के लोगों से अपील की है कि वे 21 करोड़ की लागत से होने
वाले विकास कार्य के लिए शासन पर दबाव बनाएं। पत्रकार वार्ता में सभासद शौकत, नफीस, अजय कुशवाहा, अशोक कुशवाहा, आशुतोष, जुलेखा बेगम, दिनेश बिंद, शेष नाथ यादव, रवि केशरी आदि मौजूद रहे।