जिले में तापमान के बढ़ने का सिलसिला जारी है। सोमवार को तापमान ने 40 का आंकड़ा पार कर लिया। तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान बढ़ने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। दोपहर बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सुबह आठ बजे से ही धूप की तल्खी बढ़ जा रही है। दोपहर में गर्म तेज हवाओं और धूप लगने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इन दिनों दस्त, बुखार, जुकाम, डिहाइड्रेशन पीड़ितों की आमद सरकारी और निजी अस्पतालों में होने लगी है।
मौसम की तल्खी अब लोगों को सताने लगी है। दो दिनों से तापमान 38.5 से 39 डिग्री सेल्सियस था जो सोमवार को बढ़कर 40.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। जिला अस्पताल में डिहाइड्रेशन के पांच मरीज भर्ती मिले जिन्हें पानी चढ़ाया जा रहा था। इसी प्रकार निजी अस्पतालों में दस्त, डिहाइड्रेशन, डायरिया से पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। भीषण गर्मी में धूप से आने के बाद ठंडा पानी पीना भी खतरनाक साबित हो रहा है।
देहात क्षेत्रों में पेयजल संकट होने के कारण लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं जिसके चलते डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरके सिन्हा ने लोगों को गर्मी के मौसम में सतर्कता बरतने और भूख से कम खाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में अधिक पानी पीना चाहिए और सुपाच्य भोजन ही करना चाहिए।
गर्मी में बरतें सावधानी
- घर से निकलते समय शरीर ढंक कर निकले
- धूप से आने पर तत्काल ठंडा पानी न पीएं
- ताजे फल और भोजन का ही सेवन करें
- पानी को उबाल कर ठंडा करने के बाद पीएं
- धूपी चश्मा लगाकर निकलें, ताकि आंख पर खराब असर न पड़े
तापमान बढ़ने के साथ तल्ख धूप और लू लगने से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सुबह सात बजे से 12 बजे तक पढ़ाई हो रही है, जबकि प्राथमिक विद्यालयों में 8 बजे से एक बजे तक पढ़ाई हो रही है। स्कूलों की छुट्टी के समय तेज धूप होती है और गर्म हवाएं चलती हैं। इसकी चपेट में आकर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। अभिभावक विजयशंकर, धीरेंद्र, सुरेंद्र ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्कूल का समय सुबह सात बजे से 12 बजे तक करने की मांग की है।