गिरफ्तारी करने वाली टीम व पकड़ा गया आरोपी
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मेफेड्रान (एमडी) नशीला पाउडर के साथ गिरफ्तार हुआ जौनपुर के मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के सुभाषपुर पाली निवासी राजेश कुमार तिवारी (40) इस धंधे में काफी आगे निकल गया था, जिसकी कहानी किसी फिल्म की स्टोरी से कम नहीं है। वह हाईस्कूल तक की पढ़ाई छोड़ने के बाद 2013 में मुंबई गया था तो ट्रक क्लीनर का काम करने लगा। इसके बाद तस्करों के संपर्क में आया और फिर अपने पिता की मदद से उत्तर प्रदेश में बड़ा सप्लायर बन गया। अब पिता-पुत्र जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।
यह है पूरा मामला
एनएनटीएफ गाजीपुर के उप निरीक्षक सुरेश गिरी के मुताबिक, आरोपी राजेश कुमार तिवारी ने पूछताछ में बताया वह 10वीं तक ही पढ़ाई किया है। पढ़ाई छोड़ने के बाद वर्ष 2013 में वह अपने पिता के साथ मुंबई में रहने लगा। जहां ट्रक क्लीनर का काम करने लगा, ट्रक पर क्लीनर का काम करते-करते ड्राइवर का काम सीख लिया।
दो-तीन वर्ष तक ड्राइवर का काम करने के बाद ट्रक वासी (मुंबई) में एक होटल के बगल में पान की दुकान खोल लिया, उसी समय उसकी मुलाकात नागेश शिंदे से हुई, जो मेफेड्रान (एमडी) नशीला पाउडर बहुत बड़ा तस्कर है। इसके बाद पैसा अधिक मिलने लगा तो वह पान की दुकान बंद करके किराना की दुकान चलाने लगा, फिर इसी दुकान से मेफेड्रान (एमडी) नशीला पाउडर का कारोबार करने लगा। वह छोटे-छोटे ग्राहकों को 2 ग्राम, 4 ग्राम करके बेचता रहा। जबकि पिता प्रेमचंद्र तिवारी के माध्यम से मेफेड्रान (एमडी) नशीला पाउडर ड्रग्स देकर जौनपुर, वाराणसी, अयोध्या समेत प्रदेश के के विभिन्न जिलों में सप्लाई कराता था।
4 मार्च को नागेश शिंदे को मेफेड्रान (एमडी) 1.22 क्विंटल हाई मेफेड्रान (एमडी) नशीला पाउडर के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके बाद वह मेफेड्रान (एमडी) शैलेंद्र अहिरवार से खरीद कर बिक्री करने लगा था, जो झांसी का निवासी है और अब फरार चल रहा है।
दो माह पहले पिता हुआ गिरफ्तार तो सामने आया नाम
एनएनटीएफ गाजीपुर के उप निरीक्षक सुरेश गिरी के मुताबिक 3 मार्च को प्रेमचंद तिवारी को एनएनटीएफ 440 ग्राम मेफेड्रान (एमडी) नशीला पाउडर के साथ गिरफ्तार किया गया, जिसकी अनुमानित स्थानीय कीमत ढाई लाख रुपये है। आरोपी के खिलाफ सिगरा वाराणसी में मुकदमा दर्ज हुआ और वह इस समय जेल में है। हालांकि आरोपी से पूछताछ की गई तो एनएनटीएफ को पता चला कि वह अपने ही बेटे राजेश कुमार तिवारी से नशीला पाउडर खरीदता है, जिसे एनएनटीएफ वाराणसी, गाजीपुर, लखनऊ की टीम ने कल्याण के क्राइम ब्रांच की मदद से गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है मेफेड्रान (एमडी) नशीला पाउडर, तीन नाम से है पहचान
मेफेड्रान (एमडी) नशीला पाउडर को म्याऊ-म्याऊ ड्रग्स और सवर्ग का द्वार के नाम से जाना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ये सरसों के दाने की तरह होता है और पान-गुटखा में मिलाकर मुंह में गुलगुलाया जाता है। 20 मिनट तक ऐसा करने वाले 24 घंटे तक नशे में रहते हैं। कहा जाता है कि इस दौरान यदि मुंह में रखकर छोड़ दिया जाए तो खून आ जाता है। यह एक सिंथेटिक उत्तेजक और मनोदैहिक पदार्थ है, जो एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है। इसके सेवन से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जोखिम पैदा होते हैं और लत और प्रतिकूल मानसिक स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं।