गाजीपुर। विकास भवन में मंगलवार को मासिक स्टाफ की बैठक में जिलाधिकारी ने नाविकों-गोताखोरों के भुगतान में पारदर्शिता रखने की हिदायत अधिकारियों को दी। उन्होंने बाढ़ से पूर्व की जाने वाली तैयारियों के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली। कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को दो कैटेगरी जिसमें संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों को विभाजित करते हुए कहा कि निर्धारित स्थानों पर बाढ़ चौकी स्थापित करते हुए वहां लेखपालों, आंगनबाड़ी, आशा बह, सचिव एवं स्वास्थ्य विभाग केे कर्मचारियों, नाविक-गोताखोरों की ड्यूटी लगाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति पहले से ही सुनिश्चित कर ली जाए। नाविक-गोताखोरों के भुगतान में पारदर्शिता बरतते हुए उनका भुगतान कराया जाए। जिन नावों में छोटी-छोटी खराबी है उसे समय रहते सही करा लिया जाए। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने कोरोना महामारी को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्रों एवं बाढ़ चौकियों पर कोविड किट, टीका, सैनिटाइजर, मास्क, साबुन, टार्च, सर्च लाइट, लाइव जैकेट, लाइव रिंग एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए सांप, बिच्छू एवं कुत्ते का इंजेंक्शन पर्याप्त मात्रा में रखेें। बरसात के दिनों में पीने के पानी में होने वाली अशुद्धियों को दूर करने के लिए डीपीआरओ को क्लोरीन की गोली का प्रयोग करने का निर्देश दिया। कहा कि नगर पंचायत-नगर पालिका क्षेत्रों में प्रतिदिन साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन का कार्य किया जाए। पात्र गृहस्थी एवं अन्त्योदय कार्डधारकों को शासन के निर्देश के अनुपालन में नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण करने का जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा, पानी, भूसा की पर्याप्त व्यवस्था कराने के लिए भी कहा। साथ ही सहायक श्रम आयुक्त को निर्देश दिया कि मजदूरों को चिन्हित करते हुए मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने जिले के बड़े बकाएदारों के संबंध में जानकारी ली। कहा कि सभी अधिकारी राजस्व वसूली का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर करें। बैठक में अपर जिलाधिकरी वि.रा. राजेश कुमार सिंह, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।