कोई अड़चन नहीं आई तो अप्रैल माह से छात्रों, नौजवानों तथा वादकारियों के लिए मऊ से इलाहाबाद तक का सफर आसान हो जाएगा। इसके लिए केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा की ओर से मऊ से इलाहाबाद के बीच डेमू ट्रेन संचालित करने की तैयारी की गई है। इस ट्रेन के संचालन से पूर्वांचल की शैक्षणिक राजधानी इलाहाबाद में रहकर अध्ययन करने वाले छात्रों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी। रविवार को जखनिया में आए केंद्रीय रेल राज्यमंत्री ने यह जानकारी अमर उजाला से खास बातचीत करते हुए कही।
केंद्रीय रेल राज्यमंत्री ने बताया कि जिले के हजारों छात्रों को इलाहाबाद के लिए सीधी सवारी गाड़ी न होने के चलते महंगी यात्रा करनी पड़ रही है। इसके साथ ही हाईकोर्ट का काम देख रहे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी इस समस्या को देखते हुए नई डेमू ट्रेन का संचालन अप्रैल माह से करने की तैयारी की जा रही है। कहा कि विकास की राजनीति उनकी प्राथमिकता है।
ऐसे में स्टापेज की राजनीति वह नहीं कर पाएंगे। छात्र नेता अनिल पांडेय के दुल्लहपुर जखनिया में कुछ ट्रेनों के ठहराव के बाबत कहा कि नई ट्रेनों से यात्रियों को लाभ दिया जा सकता है, जबकि एक्सप्रेस ट्रेनों के नए ठहराव से संचालन में दिक्कत आती है।
गाजीपुर में वाशिंग पिट, गाजीपुर-मऊ रेल लाइन में जिले में तीन नए स्टेशनों से जिले का विकास होगा। अधिक ठहराव होने की वजह से सुपर फास्ट ट्रेनों की औसत गति 50 किमी प्रति घंटा आती है, जो काफी कम है।
इस वजह से रेल पटरी पर नई ट्रेन उतारना संभव नहीं हो पाता है। कहा कि भारतीय रेल को गति प्रदान करने के लिए कड़े निर्णय की आवश्यकता है। साल के अंत तक दुल्लहपुर, जखनिया सहित नायकडीह हाल्ट की तस्वीर बदल जाएगी। इस मौके पर रमेश सिंह, पारसनाथ राय, जितेंद्रनाथ पांडेय, अनिल पांडेय, प्रभुनाथ चौहान, मनोज सिंह आदि मौजूद थे।