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आतंकियों के हमले में जिले का लाल शहीद

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जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में शहीद सीआरपीएफ जवान अश्वनी कुमार यादव के नोनहरा थाना के चकदाउद गांव ? - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा के काजियाबाद में सोमवार को एक बार फिर आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमले की वारदात को अंजाम दिया। इसमें गाजीपुर के सीआरपीएफ जवान अश्वनी कुमार यादव 6328 भी शहीद हो गए। उनके शहादत की खबर घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पूरी रात लोग रोते-बिलखते रहे।
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नोनहरा थाना क्षेत्र के चकदाउद गांव निवासी राम सिंह के बेटे अश्वनी कुमार यादव के शहीद होने की सूचना घर पर मिली। किसी को इस सूचना पर यकीन नहीं हुआ। परिवार के सदस्य वाराणसी सीआरपीएफ कैंप कार्यालय से इसकी पुष्टि करने लगे लेकिन देर रात पुष्टि होते ही सभी की आंखें गमगीन हो उठीं। जवान बेटे के निधन की खबर सुनकर वृद्ध मां बेहोश हो गई। पत्नी सुधबुध खो दी। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। अश्वनी कुमार के दोस्त-मित्र और रिश्तेदार सभी परिजनों को ढांढस बंधाने लगे। लोग जवान के घर वालों को देर रात तक संभालने में जुटे थे। जवान के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। जवान का पार्थिव शरीर मंगलवार को आधी रात के बाद सैन्य सम्मान के साथ गांव लाया जाएगा। वर्ष 2005 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए अश्विनी कुमार अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी उन पर ही थी। घर में अश्वनी की मां लालमुनी, पत्नी अंशु देवी, दो बच्चे आयशा (06) व आदित्य (04) हैं। इसके अलावा, दो छोटे भाई अंजनी यादव और मुलायम यादव हैं। पूरे इलाके में जिसे भी सीआरपीएफ जवान अश्वनी कुमार के शहीद होने की सूचना मिली, वह सांत्वना व्यक्त करने के लिए शहीद के दरवाजे पर पहुंच गया। गांव के लाल की शहादत पर गांववासियों की आंखों से फक्र के आंसू बहने लगे। आंखों में दर्द लिए परिवार के साथ ही गांव के लोग अंतिम दर्शन के लिए शव आने का इंतजार कर रहे हैं।
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