थाना क्षेत्र के कुसुम्हीकला गांव में शुक्रवार की मध्यरात्रि के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता आशा देवी आग का गोला बन गई। गंभीर रूप से झुलसने से उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मामले में मृतका के भाई ने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया है।
सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के तरांव गांव निवासी बाबूलाल राम की बहन आशा (23 वर्ष) की शादी 27 नवंबर 2012 को नंदगंज थाना क्षेत्र के कुसुम्हीकला गांव निवासी हवलदार राम के साथ हुई थी। रोजाना की भांति शुक्रवार की रात आशा परिवार के साथ खाना खाने के बाद सो गई।
आधी रात के बाद करीब ढाई बजे अचानक आशा आग का गोला बनकर चिल्लाते हुए घर से निकलकर इधर-धर भागने लगी। और पास की झोपड़ी में घुस गई। जिससे झोपड़ी भी जलकर खाक हो गई। गंभीर रूप से झुलसने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
इस बात की जानकारी होते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ के बाद शव को कब्जे में ले लिया। पति हवलदार राम ने घटना की सूचना अपने ससुराल वालों को दी। जानकारी होते ही ससुराल के लोग मौके पर पहुंच गए। आशा के शव पर नजर पड़ते ही भाई बाबूलाल और बहन रीना बिलखने लगे। वहां मौजूद लोग दोनों को सांत्वना देने में जुट गए।
घटना के बाद महिला का पति,सास, श्वसुर और ननद फरार हैं। इस मामले में भाई बाबूलाल ने आशा के पति, सास, श्वसुर और ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दी गई तहरीर में उसने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल के लोग पैसे की मांग को लेकर आशा को प्रताडि़त करते थे। पैसा न मिलने पर जलाकर उसकी हत्या कर दी। इस संबंध में थानाध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। उन्हें जल्द की गिरफ्तार कर लिया जाएगा।