सेवराई। गहमर राजकीय क्रय केंद्र पर बरसात में किसानों का गेंहू खुले आसमान के नीचे भींगकर खराब हो रहा। विभाग द्वारा महज एक पालीथिन का टुकड़ा रखकर खानापूर्ति की गई है। एक ओर जहां सरकार अपने को किसान हितैषी बताते हुए किसानों के लिए तमाम लाभकारी योजनाएं चला रही है, तो वहीं सरकार के कर्मचारी अपनी लापरवाही से इन सारी लाभकारी योजनाओं को मट्टी पलीद करने में लगे हुए हैं। इसका ताजा उदाहरण गहमर गांव के राजकीय क्रय केंद्र पर देखने को मिला। जहां किसानों द्वारा खरीदा गया गेहूं रख-रखाव के अभाव में खुले आसमान के नीचे भींग कर खराब हो रहा। गौरतलब हो कि विगत 10 दिनों से आये दिन किसानों द्वारा गेंहू खरीद में धांधली की शिकायत कर हंगामा किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मिल रहे तारीख पर भी गेहूं क्रय नहीं किया जा रहा है। वहीं प्रभावशाली लोगों एवं मिलरों का गेंहू तुरंत ले लिया जा रहा है। गेंहू नियत समय पर क्रय नहीं किये जाने से हमलोगों को ट्रैक्टर के भाड़े के साथ साथ समय की भी बर्बादी हो रही है। बुधवार की रात से ही हो रही तेज बरसात में जब गेंहू क्रय केंद्र का हालात देखा गया तो वहां की स्थिति काफी दयनीय थी। किसानों का गेंहू खुले आसमान के नीचे भारी बरसात में पड़ा हुआ था। विभाग के द्वारा गेंहू के इन बोरियों के ऊपर एक प्लास्टिक डाल कर महज औपचारिकता पूरी की गई थी। इस सम्वन्ध में क्रय केंद्र प्रभारी शिव प्रकाश भारती का सरकारी नंबर बंद मिला और क्रय केंद्र पर ताला लटका मिला।