किसी भूखंड का नक्शा लेने के लिए अब आम आदमी और किसानों को तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शासन के निर्देश पर जिले के सभी पांच तहसीलों में लैंड रिकार्ड (भू अभिलेख) को ऑनलाइन किया जाना है।
इसके लिए भू अभिलेखों और भूखंडों के नक्शों की स्कैनिंग की जा रही है। इस कार्य में आठ माह लग जाएंगे। जिला प्रशासन की योजना पहली जनवरी 2017 से यह सेवा शुरू करा देने की है।
ई गवर्नेंस के तहत पेपरलेस कार्य के लिए जिले में विभागों में ऑनलाइन कार्य पर जोर दिया जा रहा है। अब तक आय, जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा रहे थे। इसके अलावा जमीनों की खसरा खतौनी भी ऑनलाइन हो गई है।
लेकिन भूखंडों के नक्शों को ऑनलाइन कराने की सुविधा नहीं थी। अब तहसील के भू-अभिलेखों के साथ ही भूखंडों के नक्शों को भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए तहसील स्तर पर भू मानचित्र की स्कैनिंग कराई जा रही है।
यह कार्य रैमटैक कंपनी को सौंपा गया है। इस कंपनी के कर्मचारी भू मानचित्र की तेजी के साथ स्कैनिंग कर रहे हैं। आनलाइन भू मानचित्र को ऑनलाइन करने का काम जिले के सदर, जमानिया, मुहम्मदाबाद, जखनिया और सैदपुर तहसील में किया जा रहा है।
इसके बाद इसे कंप्यूटर में फीड किया जाएगा। यह कार्य पूरा हो जाने के बाद लोगों को अपनी जमीन का नक्शा लेने के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। और न ही इस कार्य के लिए लेखपाल की सिफारिश करने के साथ अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे।