दिल धड़कता देख परिजन बोले जिंदा है रामदास डॉक्टर बोले ब्रेन डेड है, बचने की उम्मीद नहीं
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बाराचवर विकस खंड के करीब दस गांवों में खसरा ने अपना पांव पसार लिया है। खसरा ने इन गांवों के दस से अधिक लोगों को अपने चपेट में ले लिया है। इन गांवों में खसरा काफी दिनों से बढ़ रहा है, लेकिन पीड़ितों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। यहां तक कि आज तक गांव में चिकित्सकों की टीम तक नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।बाराचवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी नवीन कुमार ने इससे अनभिज्ञता जताई है।
करीब दो माह से विकास खंड के असावर, नेवादा और उतरांव न्याय पंचायत के हरदासपुर, नेवादा, कमसड़ी, भटवा, सरेजा, खडहरा, विंदवलिया, उतरांव समेत कई गांवों के लोग खसरे से पीड़ित हैं। मौजूदा समय में दुबिहा निवासी मनु, लकाठु, वेचु, सुदामा, बब्लु, आलोक कुशवाहा, विंदा कुशवाहा, माया, अमन और हरदासपुर गांव निवासी मोहन खरावर का पूरा परिवार इस बीमारी से पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग की ओर पीड़ित मरीजों की जांच और दवा का वितरण नहीं किए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो माह से इस रोग ने क्षेत्र के कई गांव के लोगों को अपने चपेट में ले लिया है। शरीर पर बड़े-बड़े दाने होने के साथ तेज बुखार हो रहा है।
गांव के एक घर के कई लोग इस बीमारी के चपेट में आ गए है। इसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीड़ित मरीजों की सुधि नहीं ली जा रही है। इस संबंध में बाराचवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकाधिकारी नवीन कुमार का कहना है कि इसकी जानकारी नहीं है। जानकारी होने पर गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी और आवश्यकतानुसार दवा का वितरण कराया जाएगा। किसी को परेशानी नहीं होगी।