जंगीपुर विधानसभा के उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद विभिन्न पार्टियों के दावेदार टिकट के प्रयास में जुट गए हैं। यह सीट पंचायत राज मंत्री कैलाश यादव के निधन के बाद रिक्त हुई है। इस सीट पर सपा से दिवंगत मंत्री कैलाश यादव की पत्नी किसमती देवी चुनाव लड़ सकती हैं। इस बात का संकेत उनके पुत्र जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. विरेंद्र यादव ने भी दिये हैं।
पंचायत राज मंत्री के त्रयोदशाह में हिस्सा लेने आए सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह स्पष्ट किया था कि जंगीपुर के उपचुनाव में अगर कैलाश यादव के परिवार को कोई चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे मौका दिया जाएगा। भाजपा से मजबूत प्रत्याशी की तलाश की जा रही है जबकि बसपा ने मैदान में नहीं कूदने की मंशा जताई है। कांग्रेस और कौमी एकता दल ने अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है।
बीते फरवरी में अचानक तबीयत खराब होने के बाद पंचायती राज मंत्री कैलाश यादव का निधन हो गया था। वह जंगीपुर विधान सभा केपहले विधायक थे। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले कैलाश यादव को पंचायत राज मंत्रालय दिया गया था और उन्होंने कुशलता के साथ पंचायत चुनाव संपन्न कराया था। 2012 के विधान सभा चुनाव में कैलाश यादव 72208 और उनके प्रतिद्वंदवी से बसपा प्रत्याशी मनीष पांडेय को हराया था।
उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी शुरू हो गई है। भाजपा जंगीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में किसी मजबूत प्रत्याशी को उतारने के प्रयास में है। इसके लिए किसी ऐसे कद्दावर नेता की तलाश की जा रही है तो चुनाव लड़ने में सक्षम होने के साथ ही सपा प्रत्याशी से मुकाबला करने के योग्य हो।
विधानसभा 2012 के आम चुनावों में देखा जाए तो सामाजिक समीकरण के तहत ही स्थानीय प्रत्याशी को दरकिनार कर एक चर्चित भोजपुरी कलाकार प्रत्याशी लाया गया था, जिसने पर्चा दाखिला के अंतिम समय से एक दिन पूर्व चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। ऐसी स्थिति में रमेश सिंह पप्पू के लिए आनन फानन में हेलीकॉप्टर से सिंबल लाकर पर्चा भरवाया गया था। फिलहाल रमेश सिंह पप्पू के साथ कुछ अन्य नेता दावेदारी की तैयारी में हैं। इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि पार्टी जंगीपुर में मजबूत व संघर्षशील नेता को प्रत्याशी को घोषित करेगी। उधर, पार्टी के लोगों की मानें तो जंगीपुर का उपचुनाव बसपा नहीं लड़ेगी।