गाजीपुर। जिले के एडेड माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को गूगल मीट वेबिनार के माध्यम से बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय ने ऑनलाइन शिक्षण की विभिन्न विधाओं की जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षण में आ रही बाधाओं को दूर कर इसे और कारगर एवं प्रभावी बनाने पर बल दिया। प्रशिक्षण का संचालन राजकीय सिटी इंटर कॉलेज से वेबिनार कार्यशाला के माध्यम से किया गया।
जिला विद्यालय निरीक्षक डा. राय ने कहा कि कोरोना के कारण विद्यालय बंद हैं। छात्रों का पठन पाठन बाधित है। उसे देखते हुए सरकार ने छात्रों को आनलाइन शिक्षण देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के आधार पर ही दूरदर्शन, स्वयंप्रभा चैनल-22, व्हाट्सऐप, जियो टीवी, गूगल मीट, जूम मीट और दूरस्थ शिक्षा से उपलब्ध शिक्षण सामग्री के माध्यम से आनलाइन शिक्षण का कार्य कराया जा रहा है। आनलाइन शिक्षण की विभिन्न विधाओं से शिक्षण कार्य कसि तरह प्रभावी हो सकती हैै उसकी जानकारी शिक्षकों को कराने के लिए गूगल मीट वेबिनार के माध्यम से यह एक घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंनेे आनलाइन शिक्षण, मूल्यांकन और मॉनीटरिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रधानाचार्यो, शिक्षकों और नोडल अधिकारियों की दी। कहा कि मॉनीटरिंग करने के लिए 101 विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अधिकारी ब्लाकवार आवंटित विद्यालयों की मॉनीटरिंग करेंगे और सप्ताह के अंत में अपनी समीक्षात्मक रिपोर्ट से जिला विद्यालय निरीक्षक को अवगत कराते रहेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि वर्चुअल स्कूल एवं ई-ज्ञानगंगा कार्यक्रम के माध्यम से पूरे प्रदेश में विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। दूरदर्शन और स्वयंप्रभा चैनल पर कक्षा एवं विषयवार लेक्चर्स और वीडियो का प्रसारण हो रहा है। जिन छात्र-छात्राओं के पास टीवी एवं आनलाइन शिक्षण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है उनके लिए दूरस्थ शिक्षा से संबंधित विषयों की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। विद्यालयों पर आनलाइन शिक्षण की व्यवस्था प्रधानाचार्यो को करनी है। कहा कि स्वयंप्रभा एवं दूरदर्शन पर प्रसारित शैक्षिक कार्यक्रम को विषयवार अध्यापकों को भी देखना आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों द्वारा उठाई गई नेटवर्क की समस्याएं, छात्र-छात्राओं के पास मोब ाइल की अनुपलब्धता, पठन सामग्री का समय से न मिलना जैसी कई समस्याओं को जिला विद्यालय निरीक्षक डा. राय के सामने रखा। उन्होंने समस्या से निपटने के लिए उसके समाधान सुझाए। उन्होंने कहा कि आनलाइन शिक्षण ही अब छात्रों के पठन-पाठन का आधार बनकर रह गया है। इसलिए सभी शिक्षक को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आना होगा। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।