गाजीपुर। बिहार से गाजीपुर जिले को जोड़ने वाले 38 किमी लंबे ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाईवे का 40 करोड़ रुपये से पांच वर्ष तक मेंटनेंस होगा। इसके लिए 40 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर ली गई है। इस मार्ग पर प्रतिदिन पांच हजार से अधिक छोटे से बड़े वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क के क्षतिग्रस्त होने से रोकने के साथ ही पटरियों को भी दुरुस्त करने का कार्य होगा, ताकि लोगों का एनएच पर सफर सुगम और बेहतर हो सके।
ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाईवे 124 सी को पांच साल तक मेंटनेंस के अलावा सुंदरीकरण और सुरक्षा कार्यों के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने योजना के लिए 40 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर दी है। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जनवरी 2025 से एनएच पर कार्य शुरू हो जाएगा। बिहार से जुड़ने के कारण मार्ग पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। मेंटेनेंस और सुंदरीकरण के साथ ही सुरक्षा के व्यापक उपाय हो सकेंगे। ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके।
कोट
हाईवे के पांच साल तक मेंटेनेंस के लिए भेजे गए 40 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। काम जनवरी से शुरू होने की संभावना है।
मृत्युंजय यादव, अधिशासी अभियंता,एनएच
000000
ये होंगे कार्य
गाजीपुर। सीसी तकनीक से बनी क्षतिग्रस्त सड़क और पुलों की मरम्मत होगी। पुलों का रंग-रोगन और लेबलिंग काम होगा। हाईवे के किनारे क्रैश बैरियर और रेडियम युक्त संकेतक लगेंगे। हाईवे की दरारों और टूट-फूट की मरम्मत होगी।
220 करोड़ की लागत से 2019 में बनकर हुआ तैयार
वर्ष 2016 में 220 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ यह हाईवे 2019 में बनकर तैयार हुआ था, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी के कारण पिछले पांच सालों में कई सड़क हादसों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। यह मेंटनेंस प्रोजेक्ट इन हादसों को रोकने में मदद करेगा।