मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों की अवैध संपत्तियों की विवेचना कर रहे प्रभारी निरीक्षक मुहम्मदाबाद ने गत 20 मार्च को इस भूमि के संबंध में अपनी आख्या पुलिस अधीक्षक को प्रेषित किया। जिस पर एसपी ने 27 मार्च को अपनी संस्तुति दी थी। जांच में मिला कि इस संपत्ति को मुख्तार अंसारी ने अपने चाचा, चचेरे भाई व उसकी पत्नी के नाम से लिया था।
इस संपत्ति को उसने एक गिरोह बनाकर और लोक व्यवस्था को अस्त-व्यस्त करते हुए अवैध तरीके से अर्जित की थी। जिसपर जिलाधिकारी ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क करने का आदेश दिया। जिले से उपनिरीक्षक तरुण श्रीवास्तव दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ लखनऊ पहुंचे और स्थानीय पुलिस की सहयोग से मुनादी कराते हुए कुर्क किया। मुख्तार अंसारी के खिलाफ विभिन्न जनपदों में 58 व उसके चचेरे भाई मंसूर के खिलाफ मऊ में तीन व गाजीपुर में दो मुकदमा पंजीकृत है।