अध्यापक दिवस पर उच्च प्राथमिक विद्यालय विशेश्वरगंज की सहायक अध्यापक शीला सिंह को राज्य अध्यापक पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनकी उच्च अध्यापन कार्यशैली को देखते हुए दिया जा रहा है।
शीला की शिक्षा विभाग में प्रथम नियुक्ति 11 फरवरी 2009 को प्राथमिक विद्यालय नौली प्रथम में हुई थी। सहायक अध्यापक के पद पर वर्ष 2015 में उच्च प्राथमिक विद्यालय विशेश्वरगंज ज्वाइन किया तो विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम थी। इसे बढ़ाने और बच्चों को स्कूल में रोकने के लिए विभिन्न प्रकार के नवाचारों जैसे आईसीटी, पपेट, कहानी, आर्ट एंड क्राफ्ट तथा नए टीएलएम का प्रयोग को अपने शिक्षण कार्य में जोड़ा।
इसके साथ ही राष्ट्रीय आविष्कार अभियान और इंस्पायर अवार्ड में बच्चों को प्रतिभाग कराते हुए उन्हें जिला और राज्य स्तर पर स्थान दिलाया। शिक्षा गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए कई राज्यस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर जिलास्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। बालिकाओं में सुरक्षा और संरक्षा को बढ़ाने के लिए मीना मंच की राज्य संदर्भदाता के रूप में जिले में शिक्षकों और छात्राओं को प्रशिक्षित करने का कार्य किया।
इस दौरान यूनिसेफ द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित बालिका सुरक्षा एवं संरक्षा में जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए स्थान दिलाया। मिशन शक्ति के तहत राज्य संदर्भदाता के रूप में गाजीपुर में बालिकाओं में आत्मरक्षा बढ़ाने के लिए उनको प्रशिक्षित कराया। कोरोना काल में एआरपी नगर क्षेत्र के रूप में उनके बीच जाकर मुहल्ला क्लास चलाई। उन्हें मनोरंजक ढंग से पढ़ाने के लिए बिट्टू की कक्षा नामक एक पूरी सिरीज चलाई। इस दौरान राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता मेरी उड़ान में बच्चों को प्रतिभाग कराया।
इसमें विद्यालय की दो बच्चियों को सम्मानित भी किया गया। शीला के इस कार्य की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने दो बार शक्ति योद्धा सम्मान से सम्मानित किया। व्यवसायिक प्रशिक्षण से जोड़ते हुए बच्चों को मूर्ति बनाना और आर्ट एंड क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया। बच्चों में लेखन क्षमता बढ़ाने के लिए विद्यालय में बच्चों से बाल अखबार का संपादन कराया जिसके कई अंक प्रकाशित हो चुके हैं।