पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के क्षेत्रों के संसद सदस्यों एवं सांसद प्रतिनिधियों के साथ पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार मिश्र ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के भारतेंदु सभाकक्ष में शनिवार को बैठक की।
गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने सुझाव दिया की प्राइवेट ट्रेनों की तर्ज पर भारतीय रेल की गाड़ियों के समय पालन में सुधार किया जाना आवश्यक है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत गाजीपुर एवं बलिया परिक्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान दिया जाना चाहिए। इस क्रम में यूसुफपुर में स्टेशन के सामने गोल पार्क में राष्ट्रध्वज लगाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने भृगु एक्सप्रेस का ठहराव यूसुफपुर स्टेशन पर करने, यूसुफपुर स्टेशन पर दूसरे प्लेटफार्म का निर्माण कराने, शहबाजकुली में बुकिंग कार्यालय को प्रतिदिन 10 घंटे खोलने तथा वाराणसी-गाजीपुर सिटी-बलिया नेशनल हाईवे 31 पर शहबाजकुली-गाजीपुर घाट के मध्य पड़ने वाले समपार संख्या-05 पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव दिया।
बैठक में बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह ने भारतीय रेल पर मनाए जा रहे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मंडल के स्टेशनों पर उस क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें फ्रेम कर लगाए जाने, बकुल्हां रेलवे स्टेशन का नाम जयप्रकाश नारायण के नाम पर किए जाने, हमसफर एक्सप्रेस को छपरा तक विस्तार देकर इसे मंगल पांडेय के नाम से चलाए जाने तथा बलिया में एक रेलवे अस्पताल बनाकर उसका नाम चित्तू पांडेय के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव दिया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने बलिया स्टेशन के उत्तर साइड में खाली जमीन को साफ करवाकर चहारदीवारी बनाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने ट्रेन संख्या 05135/05136 छपरा-औड़िहार को पूर्व की तरह औड़िहार से वाराणसी तक चलाने, करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 15053/15054 लखनऊ-छपरा का ठहराव देने, ट्रेन संख्या 65107/65108 बलिया-वाराणसी को पूर्व की तरह चलाए जाने, ट्रेन संख्या 05445/05446 वारासी सिटी-छपरा पैसेंजर ट्रेन को बनारस से चलाने तथा ट्रेन संख्या 22427/22428 सप्ताह में चार दिन चलाने की मांग रखी।
महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे ने कहा कि हमारी गहन योजना, परिश्रम और उपलब्ध संपत्तियों के कुशल और बेहतर उपयोग के परिणाम स्वरूप पूर्वोत्तर रेलवे पर संरक्षा में उल्लेखनीय सुधार के साथ कई उत्साहजनक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक रामाश्रय पांडेय सहित पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय के प्रमुख विभागाध्यक्षों एवं मंडल के शाखा अधिकारी उपस्थित थे।