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नवयुवकों के चरित्र निर्माण के लिए की बीएचयू की स्थापना

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मरदह क्षेत्र के महेगवां गांव स्थित राजेश्वरी पैलेस में भारत रत्न पं.मदन मोहन मालवीय की 118 वीं जयंत - फोटो : GHAZIPUR
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मरदह। क्षेत्र के महेंगवा गांव स्थित पैलेस में पंडित मदन मोहन मालवीय की 118वीं जयंती पर सारस्वत संगोष्ठी पर शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण विषय पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति डा. हरिकेश सिंह ने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्म 1861 को इलाहाबाद में हुआ था। वह भारत के पहले और अंतिम व्यक्ति थे जिन्हें ‘महामना’ की उपाधि से विभूषित किया गया। कहा कि मालवीय जी ने राष्ट्र की सेवा के साथ ही साथ नवयुवकों के चरित्र-निर्माण के लिए और भारतीय संस्कृति की जीवंतता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने पर पूर्व कुलपति डा. हरिकेश सिंह, विक्रमा यादव, सुरेंद्र पांडेय, गुप्तेश्वर सिंह, अजय आनंद, राजेंद्र को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पीएन इंटर कालेज के प्रबंधक योगेशचंद्र सिंह, लल्लन सिंह, रविंद्रनाथ सिंह, रामअवध सिंह, इंद्रासन सिंह, रोहिताश सिंह, शशिधर सिंह, हरेंद्र सिंह, कृष्णमोहन सिंह, बृजलाल सिंह, जयराम सिंह, चंद्रभान सिंह, अशोक कुमार सिंह, अनिल यादव, बृजभान सिंह, सत्यप्रकाश सिंह, रामचंद्र चौहान, राजेंद्र शर्मा, अमित सिंह, डा. राजकुमार सिंह, हरिहर सिंह, महेंद्रनाथ सिंह, शेषनाथ मिश्रा, रामजी सिंह, सूर्यभान सिंह, जयप्रकाश पांडेय, ब्रहाशंकर सिंह, वशिष्ठ शर्मा आदि मौजूद थे।
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