गाजीपुर। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) ने अपनी एक सूत्रीय मांग के समर्थन में आंदोलन के तीसरे चरण की घोषणा की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि बृहस्पतिवार को देशभर के वितरक किसी भी प्रकार का इंडेंट नहीं करेंगे और न ही तेल कंपनियों को कोई भुगतान करेंगे। इसे नो मनी, नो इंडेंट आंदोलन का नाम दिया गया है। एसोसिएशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत सरकार द्वारा डिनोबा-स्टडी की सिफारिशों को अब तक लागू नहीं किया गया है। इस रिपोर्ट में वितरक सेवा शुल्क और होम डिलीवरी शुल्क 150 रुपये निर्धारित करने की अनुशंसा की गई थी। एसोसिएशन का कहना है कि यह मांग वर्ष 2005 में भोपाल अधिवेशन के दौरान पारित संकल्प के तहत भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भेजी गई थी, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष राय ने कहा कि सरकार की उदासीनता से देशभर के वितरकों में गहरा असंतोष है। यदि हमारी मांगें शीघ्र नहीं मानी गईं, तो एसोसिएशन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होगा, जिससे पूरे देश में एलपीजी की सप्लाई बंद हो सकती है। संवाद