सैदपुर। सैदपुर तहसील में फैले भ्रष्टाचार और कथित धन उगाही के खिलाफ अधिवक्ताओं द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को अब किसानों का भी समर्थन मिल गया है। किसानों ने अधिवक्ताओं की एकजुटता और उनके साहसिक कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह आंदोलन सीधे तौर पर किसानों और आम वादकारियों के हित में है। किसान नेता राजनाथ सिंह, सहकारिता से जुड़े नेता संजय कुमार सिंह, छोटे लाल यादव, उग्रसेन सिंह आदि ने कहा कि सैदपुर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिवक्ताओं ने जो मोर्चा खोला है, वह सराहनीय है। बीते मंगलवार को अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना–प्रदर्शन कर जब आवाज बुलंद की और राजस्व सचिव को पत्र भेजकर ध्यान आकृष्ट कराया, तो यह कदम लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता के पक्ष में खड़े होने का उदाहरण बन गया। किसान नेताओं ने कहा कि अधिवक्ताओं की यह पहल सही समय पर हुई है। तहसील क्षेत्र के लगभग 16 गांवों की चकबंदी स्थगित कर दी गई है, वहीं नामांतरण और विरासत के कार्यों में किसानों से की जा रही मनमानी वसूली पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वसूली पर तहसील प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है, जिससे किसानों में गहरी नाराजगी है। अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद और देवेंद्र सिंह ने कहा कि यह लड़ाई किसानों और सीधे-सादे वादकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। किसानों ने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा दिखाई गई एकजुटता और हिम्मत काबिले तारीफ है और पूरे क्षेत्र के लोग उनके साथ हैं। संवाद