सावन के दूसरे दिन गुरुवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सबसे अधिक भीड़ मरदह स्थित महाहर धाम पर रही। भोर से ही भक्तों के पहुंचने का जो सिलसिला शुरु हुआ, वह शाम तक जारी रहा। दर्शन-पूजन करने वालों में महिलाओं और युवतियों की संख्या अधिक रही। सावन के पहले सोमवार को इस मंदिर पर बाबा का जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों का रेला उमड़ेगा।
इस वर्ष सावन माह की शुरुआत 20 जुलाई से हुई है। पहले दिन शहर के गोराबाजार स्थित बूढ़ा महादेव मंदिर, लालदरवाजा स्थित शिव मंदिर, रायगंज स्थित अमरनाथ मंदिर, मिश्रबाजार स्थित अति प्राचीन शिव मंदिर के साथ ही करीमुद्दीनपुर स्थित बुढ़वा महादेव मंदिर, ऊंचाडीह स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर, जमानिया के महेंवा स्थित बाबा महेश्वरनाथ मंदिर के साथ अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सबसे अधिक भीड़ मरदह के महाहर धाम पर रही। यहां सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुंचे। मंदिर परिसर में लगी पूजा सामग्री की दूकानों से फूल-माला, बेलपत्र, भांग, धतूरा दूध, प्रसाद आदि की खरीदारी कर बाबा का जयघोष करते हुए मंदिर में प्रवेश किया। इसके बाद बाबा का दर्शन-पूजन कर अपने और परिवार की मंगल की कामना की। दर्शन-पूजन करने वालों में महिलाओं और युवतियों की संख्या अधिक रही। सावन के पहले सोमवार को इस मंदिर पर हजारों की संख्या में कांवरिए बाबा का जलाभिषेक करने के लिए पहुंचे। सुबह से लेकर देर रात तक दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहेगा। भक्तों की भीड़ के मद्देनजर प्राय: सभी मंदिरों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए है।