शनिवार को आयोजित थाना दिवस पर जिलाधिकारी संजय खत्री तथा पुलिस कप्तान सुभाष चंद्र दुबे ने शहर कोतवाली में पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। शहर कोतवाली में कुल सात मामले थाना दिवस पर आए, जिसमें से चार का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। देखा जाए तो प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही आला अफसरों के साथ ही कर्मचारियों में भी बदलाव देखने को मिली। कोतवाली और थानों पर आयोजित थाना दिवसों का नजारा भी शनिवार को अलग ही देखने को मिला। अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचे फरियादियों को बैठने के लिए जहां कुर्सियों का इंतजाम किया गया था, वहीं तेज धूप और गर्मी में गला तर करने के लिए पानी और बताशा भी मिला।
थाना दिवस पर थाना परिसर में इन इंतजाम को देखकर फरियादी भी पूरी तरह से हैरान थे। यही नहीं फरियाद लेकर पहुंचे फरियादियों से उनकी समस्याओं को बड़ी शांति से पुलिस विभाग सहित अन्य विभाग के लोग सुन रहे थे। थाना दिवस पर सबसे ज्यादा राजस्व विभाग के मामले पहुंचे थे। जिनको निस्तारित कराने के लिए पुलिस विभाग के लोगों और अधिकारियों की ओर से काफी सक्रियता दिखाई गई।
फरियादियों के भी यह बदला-बदला नजारा समझ में नहीं आ रहा था कि अचानक पुलिस कर्मियों के साथ अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में इतना बदलाव कहां से आ गया। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार कोतवाली में आयोजित थाना दिवस पर फरियादियों के बैठने के साथ पानी और बतासे का भी इंतजाम किया गया था। समाधान दिवस पर पांच प्रार्थना पत्र राजस्व विभाग से संबंधित आए थे। जिनका निस्तारण करा दिया गया।
सुहवल संवाददाता के अनुसार स्थानीय थाने पर पर राजस्व के कुल तीन प्रार्थना आए। जिसमें से एक मौके पर निस्तारण कर दिया गया। सैदपुर संवाददाता के अनुसार 15 प्रार्थना पत्र आए। जिसमें तीन का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। जखनिया संवाददाता के अनुसार भुड़कुड़ा कोतवाली में तीन मामले आए जिसमें दो का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। सेवराई में चार मामलों में से तीन प्रार्थना पत्र निस्तारित कर दिया गया।