प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोट बंदी ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया है। पूंजीपति अपना काला धन बैंक के लाकर्स में भी रखे हुए हैं। बहुतों का 500 और 1000 का नोट भी बैंक लाकर्स में रखे गए हैं। ऐसे में लोग अपना काला धन अब बैंक से निकालना शुरू कर दिए हैं।
अपनी ब्लैक मनी को नगर तथा ग्रामीण इलाके के बैंक लाकर्स में छुपाकर रखे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। देश के कोने-कोने से लोग अपने लाकर्स को खोलने और उसमें रखे पैसे को निकालने में जुटे हैं। फिलहाल बैंक में पैसा जमा करने की तारीख 30 दिसंबर तक है, इसलिए लोग आराम से लाकर्स में रखे प्रतिबंधित नोट को जमा करेंगे। जिले में कुल 280 बैंक की शाखाएं हैं। जिसमें से 100 ऐसे बैंक की शाखा हैं, जहां लाकर्स की सुविधा है। एक बैंक में न्यूनतम 150 तथा अधिकतम 500 तक लाकर्स की सुविधा है। काला धन वापस लाने के लिए पीएम मोदी के 500 और 1000 के नोट पर प्रतिबंध लगाने लोगों की नींद उड़ गई है। गोवा में पीएम के भाषण के बाद ऐसा लग रहा है कि अभी काला धन का अभियान जारी रहेगा और अगला निशाना बैंक लाकर्स हो सकते हैं। ऐसे में उन लोगों का माथा चकराने लगा है, जिन्होंने लाकर में भारी मात्रा में जेवरात और पैसे रखे हैं। ऐसे में लोग जेवरातों का हिसाब-किताब बैठाने में जुट गए हैं। करेंसी को लेकर पहले से जद्दोजहद झेल रहे लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि काला धन को सुरक्षित करने के लिए लाकर्स सबसे बड़ा हथियार है। क्योंकि लाकर में कितना माल है सिर्फ उसे रखने वाला ही जानता है। बैंक को भी इस बात की जानकारी नहीं होती है कि उसके लाकर में कितने रुपये और आभूषण रखे गए हैं।