कासिमाबाद। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए उप जिलाधिकारी रमेश मौर्य ने रविवार को कासिमाबाद की दो दुकानों की जांच किया। इस दौरान एक दुकान बंद पाए जाने पर उसे सील कर दिया गया। वही लॉकडाउन उल्लंघन में उपजिलाधिकारी ने पांच दुकानों को खुली पाए जाने पर अर्थदंड वसूल किया। इस समय खाद को लेकर सरकार की काफी किरकिरी हो रही है। यही कारण है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे जिले में खाद एवं बीज भंडारों की जांच चल रही है। इसी क्रम में रविवार को उपजिलाधिकारी रमेश मौर्य ने कासिमाबाद की दो बड़ी दुकानों पर छापेमारी किया। जांच के दौरान एक खाद एवं बीज भंडार का स्टॉक रजिस्टर से उपलब्ध खाद की बोरियों की मिलान की गई जिसमें 305 बोरी यूरिया एवं 20 बोरी पोटाश उपलब्ध मिला। इस दुकान पर डीएपी, एनपीके अन्य खाद की बोरियां नहीं पाई गई। इसके बाद उपजिलाधिकारी ने एक अन्य खाद भंडार का निरीक्षण किया जिसमें दुकान पूरी तरह से बंद पाई गई। दुकान बंद किए जाने पर बताया गया कि जिसके नाम से लाइसेंस है उनकी मृत्यु हो चुकी है जिस कारण दुकान बंद है। इसके बाद उपजिलाधिकारी द्वारा इस दुकान को सील करा दिया गया। आज रविवार का दिन होने के कारण पूरे प्रदेश में लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद रहनी चाहिए लेकिन यहां कुछ दुकानें खुली पाई गई। उपजिलाधिकारी एवं उप निरीक्षक अशोक ओझा ने कस्बे की पांच दुकानों को खुला पाया। खुलने वाली दुकानों से कुल 3000 रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया।