रेवतीपुर के गदाधर श्लोक महाविद्यालय के पास में खाली पड़ी भूमि पर मवेशियों के साथ बाढ़ पीड़ित। स
गाजीपुर। गंगा में प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से घटाव शुरू हो गया है। लेकिन, बाढ़ प्रभावित इलाकों में दुश्वारियां बरकरार हैं। सबसे अधिक परेशानी का सामना पशु पालकों को करना पड़ रहा है। मवेशियों को चराने वाली जगहें और चरी वाले खेत बाढ़ में जलमग्न होने से यह परेशानी खड़ी हुई है।
सेवराई तहसील के हसनपुरा, वीरऊपुर, रेवतीपुर, नगदीलपुर, रामपुर सैदपुर तहसील क्षेत्र के पटना, गौरी, फुलवारी, शादी-भादी जैसे गांवों में विशेष रूप से दुश्वारियां सामने आ रही हैं। बाढ़ के कारण किसानों के साथ ही पशु पालकों व सड़कों किनारे रिहायशी झोपड़ियां बनाकर रहने वाले लोगों की जिंदगी अधिक प्रभावित हुई है।
गंगा व उसकी सहायक नदियों कर्मनाशा, गोमती, गांगी आदि के बाढ़ के कारण जनपद के पांच तहसीलों के 25 गांव प्रभावित हुए हैं। 294.371 हेक्टेयर फसल जलमग्न है। गंगा में घटाव जरूर है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में दुश्वारियां बरकरार हैं। खेतों में लगी रिहायशी झोपड़ी सड़कों पर आ चुकी है। दूसरी ओर जिला प्रशासन खुद की तैयारियों को चाक-चौबंद बता रहा है।
रेवतीपुर के गदाधर श्लोक महाविद्यालय के पास में खाली पड़ी भूमि पर मवेशियों के साथ बाढ़ पीड़ित। स
रेवतीपुर के गदाधर श्लोक महाविद्यालय के पास में खाली पड़ी भूमि पर मवेशियों के साथ बाढ़ पीड़ित। स