लेनदेन पर रोक के बाद अब मुकदमा
पूर्व प्रवर्तक राम बाबू शाण्डिल्य, पूर्व सीईओ विवेक पांडेय भी बनाए गए आरोपी
पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की जांच रिपोर्ट पर पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के पूर्व प्रवर्तक राम बाबू शाण्डिल्य, पूर्व सीईओ विवेक पांडेय, प्रबंध कमेटी, लेखा परीक्षक मेसर्स विजय के. शर्मा एंड कंपनी, बैंक प्रोप्राइटर और संबंधित पार्टी व फर्म के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। अधिकारियों को पूर्वांचल को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड में गंभीर वित्तीय अनियमितता मिली है। इसके पहले आरबीआई पूर्वांचल को-आपरेटिव बैंक की सभी शाखाओं पर जमा एवं निकासी पर रोक लगा चुका है।
पूर्वांचल को-आपरेटिव बैंक की स्थापना 1989 में हुई थी। जनपद में जिला मुख्यालय पर मुख्य शाखा, शास्त्री नगर, कचहरी, महराजगंज, जंगीपुर, सैदपुर, शहीद नगर में शाखा है। एक-दो माह से जमा धनराशि को निकालने के लिए खाता धारक परेशान हैं। कई बार धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। आरोप है कि बैंककर्मी एक-एक हजार रुपये देकर पल्ला रहे हैं।
शहर कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे के मुताबिक, बैंक की ओर से आरबीआई के निरीक्षकों को पूरी जानकारी नहीं दी गईं। बैंक का संचालन अनाधिकृत रूप से बैंक के पूर्व प्रवर्तक राम बाबू शाण्डिल्य, पूर्व सीईओ विवेक पांडेय एवं प्रबंध कमेटी द्वारा किया जा रहा था। इस आधार पर बैंक के लेखा परीक्षक मेसर्स विजय के शर्मा एण्ड कंपनी के खिलाफ सहकारिता के अपर जिला सहकारी अधिकारी राधेश्याम सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार के मुताबिक, आरबीआई ने पूर्वांचल को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड की सभी शाखाओं पर जमा-निकासी पर 29 अगस्त से रोक लगा दी है। मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया है। यदि यह बैंक बंद होता है तो जमाकर्ताओं की बीमित राशि का भुगतान, जो कि अधिकतम 5 लाख रुपये हैं, वह निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) के माध्यम से कराया जाएगा।