गाजीपुर। जिले में निरक्षरों को साक्षर बनाने के बाद अब उनकी सीखने की क्षमता का आकलन करने के लिए साक्षरता परीक्षा कराई जाएगी। नवभारत साक्षर कार्यक्रम के तहत चिह्नित नव साक्षरों की परीक्षा 20 सितंबर को प्रस्तावित है। बीएसए उपासना रानी वर्मा ने बताया कि इसके लिए जिले के नजदीकी परिषदीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। शिक्षा विभाग परीक्षा संबंधी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य असाक्षरों और ड्रॉप आउट वयस्कों को बुनियादी पठन, लेखन और अंक गणितीय कौशल में दक्ष बनाना है। 2022 से 2027 तक संचालित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को पढ़ना-लिखना और जरूरी गणितीय ज्ञान सिखाकर आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता, महत्वपूर्ण जीवन कौशल, बुनियादी शिक्षा, व्यावसायिक कौशल और पढ़ाई जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है। जिले में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को चिह्नित कर वाॅलंटियरों के माध्यम से पढ़ाई कराई गई। नव साक्षरों को उल्लास पोर्टल के जरिये अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। अब परीक्षा के माध्यम से उनके सीखने के स्तर का आकलन किया जाएगा। जिले में अभी तक 1284 नव साक्षर चिह्नित किए गए हैं।