हाईटेंशन तार हटे बीस दिन बीते , बावजूद स्थिति जस की तस
करीब 20 हजार लिक्विड ऑक्सीजन होगा मौजूद, बढ़ेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। कोरोना संक्रमण काल में ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर लोगों की टूट रही सांसों को नया जीवन दिया गया। उस आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए शासन की ओर से लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराने को कहा गया। प्लांट के सभी उपकरण आए दो माह से ऊपर हो चुके हैं, लेकिन संचालन तो दूर उन्हें अभी तक स्थापित ही नहीं कराया जा सका है। जबकि जिस स्थान पर प्लांट लगना हैं, वहां से गुजर रहे हाईटेंशन तार को हटे बीते बीस दिन हो गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
संक्रमण का प्रभाव कम होने के बाद अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराया गया। इसके बाद शासन ने लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंक स्थापित कराने का निर्देश दिया, जिससे ऑक्सीजन की किल्लत को दूर किया जा सके। लिक्विड ऑक्सीजन के एक लीटर से 870 लीटर गैसीय ऑक्सीजन मिलेगा।
सीएमओ कार्यालय परिसर में ट्रामा सेंटर के सामने खाली पड़ी भूमि में टैंक स्थापित कराने के लिए फाउंडेशन एवं कक्ष का निर्माण कराया जाना था। प्लांट के उपकरण आए करीब दो माह से अधिक दिन बीत गए, लेकिन अब तक न तो कक्ष और न ही फाउंडेशन नहीं बन सका है। यहीं नहीं ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार को भी हटा दिया गया है, बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
इस संबंध में महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि हाईटेंशन तार हटवाए करीब 20 दिन हो गए और कार्यदायी संस्था को इसकी जानकारी दे दी गई है।
000000
इनसेट
कॉपर पाइप लाइन से होगी सप्लाई
गाजीपुर। टैंक से लिक्विड ऑक्सीजन पाइप के सहारे वहां लगे संयंत्रों में पहुंचेगी, जहां से वह गैसीय ऑक्सीजन के रूप में परिवर्तित होगा। इसके बाद कॉपर पाइप लाइन से गैसीय ऑक्सीजन की सप्लाई जिला और महिला अस्पतालों को होगी, जिससे मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत का सामना न करना पड़े।