- धामूपुर में शहीद वीर अब्दुल हमीद की जयंती मनाई गई
-हमीद ने पाकिस्तान के सपने को कर दिया था चकनाचूर
संवाद न्यूज एजेंसी
दुल्लहपुर। परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की जयंती शनिवार को धूमधाम से शहीद पुत्र जैनुल हसन के नेतृत्व में मनाई गई। उनके पैतृक गांव दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के धामूपुर स्थित पार्क में बने शहीद के प्रतिमा पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र और भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज यादव ने केक काटकर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस मौके पर शहीद अब्दुल हमीद के बेटे जैनुल हसन ने कहा कि पिता के शहादत की खबर 19 सितंबर 1965 को एक अखबार में प्रकाशित खबर से पता चली थी। मेरी आंखों में आंसू देखकर मां रसूलन समझ गई और फफक कर रो पड़ी थीं। लेकिन पिता शहीद वीर अब्दुल हमीद की शहादत पर गांव-घर ही नहीं पूरे देश को फख्र है।
थानाध्यक्ष ने कहा कि वीर योद्धा शहीद वीर अब्दुल हमीद की वीर गाथा इतिहास के पन्ने में पढ़ते रहे। आज उनके जन्मभूमि पर आकर हम धन्य हो गए। शहीद हमीद ने 1965 के युद्ध का पासा ही पलट दिया था। उन्होंने अजेय पैटर्न टैंक को बर्बाद कर पाकिस्तानी फौज को पीछे भागने को मजबूर कर दिया था।
इस मौके पर संजीत प्रजापति, प्रधान सिकानू राम, दीपक चौरसिया, मनोज यादव, बेचन अली, दरोगा विश्वकर्मा, श्रवन सिंह, राजेश शर्मा, पुट्टू सिंह, अरविंद कश्यप उपस्थित रहे।