गाजीपुर। जिला पंचायत में टेंडर प्रक्रिया की जांच कराने को लेकर श्रम एवं सेवा योजन मंत्री अनिल राजभर की कथित चिट्ठी वायरल होेने के बाद कार्रवाई करने की मांग होने लगी है। मंत्री के नाम से आधिकारिक चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सरकार और भाजपा की छवि धूमिल होती देख पार्टी जिलाध्यक्ष और मंत्री ने मामले को उचित फोरम पर उठाने के साथ वायरल करने वाले के खिलाफ जांच कराने की बात कहा गया। वहीं मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पत्र मेरे नाम पर जारी पत्र फर्जी है जिसकी जांच कराई जाएगी।
भाजपा के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि उनके संज्ञान में भी सोशल मीडिया पर वायरल चिट्ठी आई है। इसको लेकर मंत्री अनिल राजभर से बातचीत हुई थी। उन्होंने चिट्ठी लिखे जाने से इंकार किया है। मंत्री की ओर से मामले की जांच कराने को कहा गया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस मामले को पार्टी के उचित फोरम पर उठाया जाएगा। ताकि मंत्री या अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के नाम पर लोगों के बीच गलत सूचनाएं न परोसा जाए।
ऐसी ही कुछ माह पहले एक चिट्ठी बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की ओर से जिला पंचायत के संबंध में आया था। जिस मामले में सांसद ने टेंडर के बाद काम में देरी को प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद जिला पंचायत अधिशासी अ धिकारी ने पुराने कामों के टेंडर होने के बाद चालू कराया था। जिसके बाद मामले पर विराम लग गया।