सोमवार की देर शाम आसमान से एक बार फिर आफत बरसी। मुहम्मदाबाद में झमाझम जबकि अन्य हिस्सों में हल्की बारिश हुई। सोमवार को हुई बारिश से 50 से 55 फीसदी फसलों के नुकसान होने का अनुमान है।
मार्च महीने से ही मौसम में उतार-चढ़ाव का क्रम बना हुआ है। माह के मध्य में तेज आंधी और पानी के चलते गेहूं के साथ दलहनी और तिलहनी फसलों को काफी नुकसान हुआ था। इस दर्द से किसानों को अभी राहत भी नहीं मिली थी कि महीने की 30 तारीख का मौसम का मिजाज फिर खराब हो गया। आंधी-पानी ने एक बार फिर किसानों की कमर तोड़ दी। तेज हवा के कहर से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिरकर खराब हो गई।
जिन किसानों की गेहूं की फसल पक चुकी थी, वे आनन-फानन में उसकी कटाई करने में जुट गए। जबकि जिन लोगों ने कटाई कर गेहूं का बोझ खेतों में रखा था, उसे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लग गए। रविवार को बदली छाने संग बूंदाबांदी होने से किसानों के माथे पर एक बार फिर से बल पड़ गया।
मौसम के कहर से परेशान किसानों की समस्या इसके बाद भी कम नहीं हुई। सोमवार को दिन में बदली छाने के बाद शाम को अचानक तेज बारिश हुई। शहर के साथ जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। इस दौरान मुहम्मदाबाद में तेज बारिश से नगर के कई प्रमुख मार्ग पानी से डूब गए। ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य पूरी तरह से रुक गया। खेतों में पानी लगने से किसानों को एक सप्ताह तक मड़ाई का काम बंद रहेगा। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी अशोक प्रजापति ने बताया कि फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।