मोटर बोट की निर्धारित क्षमता के आधे यात्रियों को ही यात्रा कराने की अनुमति दी गई है। इससे नाव पर अधिक भार होने की स्थिति से बचा जा सकेगा और किसी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। नाव संचालकों को सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी।
प्रशासन के निर्देश के अनुसार प्रत्येक मोटर बोट में रस्सा, लाइफ बॉय समेत पर्याप्त सुरक्षा उपकरण रखना अनिवार्य होगा। नाविकों को भी यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा में नाव संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
एसीपी ने बताया कि खराब मौसम और गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए पहले नाव संचालन पर रोक लगाई गई थी। अब जलस्तर कम होने और परिस्थितियों में सुधार के बाद बड़ी मोटर बोट के संचालन की अनुमति दी गई है। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम या जलस्तर की स्थिति दोबारा प्रतिकूल होने पर संचालन को लेकर फिर निर्णय लिया जा सकता है।