गाजीपुर। जनपद में पांच सोलर पावर हाउस का निर्माण होना तय है। लेकिन, इसके लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। अब तक केवल एक जगह सैदपुर के मीरजापुर में जमीन उपलब्ध हो पाई है। ऐसे में ये योजना कागज पर ही दम तोड़ती नजर आ रही है।
पीएम कुसुम सी-2 योजना के तहत शासन की मंशा है कि जिले में पांच सोलर हाउस का निर्माण कराने के लिए निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराई जाए। सरकारी जमीन निवेशकों को एक रुपये एकड़ वार्षिक की दर से देना है। सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने की दशा में ग्रामीणों की जमीन 15 हजार रुपये एकड़ वार्षिक की दर से 25 वर्षों से के लिए दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए सदर, मुहम्मदाबाद, सैदपुर, जमानिया, जखनिया के बिजली उपकेंद्र को चिह्नित किया गया है। चिह्नित बिजली उपकेंद्रों के पांच किमी के दायरे में सोलर पावर हाउस का निर्माण होना तय है। जमीन उपलब्ध कराने को लेकर डीएम आर्यका अखौरी की ओर से सदर, जखनिया, जमानिया, मुहम्मदाबाद और सैदपुर एसडीएम को पत्र लिखकर निर्देश दिया गया है। बीते सात अगस्त को यह पत्र लिखा गया था। इसमें यह भी जिक्र किया गया था कि तीन दिन के अंदर स्पष्ट सूचना भेजे। लेकिन, 19 दिन बीतने के बाद भी अब तक कोई पहल नहीं हो पाई है। नेडा के परियोजना प्रभारी प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि सैदपुर के मीरजापुर को छोड़कर अन्य जगहों के लिए सोलर पावर हाउस निर्माण को लेकर जमीन अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है।
यहां पर सोलर पावर हाउस का होना है निर्माण
तहसील सब स्टेशन भूमि सोलर पावर हाउस की क्षमता
सदर महराजगंज 4.8 एकड़ 1.2 मेगावाट
सैदपुर मीरजापुर 7.2 एकड़ 1.8 मेगावाट
मुहम्मदाबाद दुबिहा 8.0 एकड़ 2.0 मेगावाट
जमानिया जमानिया 7.2 एकड़ 1.8 मेगावाट
जखनिया हंसराजपुर 4.0 एकड़ 1.0 मेगावाट
उपभोक्ता के घरों तक पहुंचेगी सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली
गाजीपुर। सोलर पावर हाउस में उत्पादित बिजली पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित बिजली उपकेंद्र में पहुंचेगी। इसके बाद इसकी आपूर्ति उपभोक्ताओं के घरों तक की जाएगी। इसके कारण सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली का उपभोग आमजन कर सकेंगे। बिजली बचाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। पांच सोलर पावर हाउस की कवायद सफल होने पर जिले में अन्य सोलर पावर हाउस के निर्माण का रास्ता खुलेगा।