मुहम्मदाबाद के भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या 29 नवंबर 2005 की गई थी। एके-47 से लैस छह बदमाशों ने विधायक के काफिले को घेरकर 400 राउंड से अधिक गोलियां बरसाई थीं। इसमें भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। पोस्टमॉर्टम में कृष्णानंद राय के शरीर में 21 गोलियां पाई गई थी।
भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने विधायक मुख्तार अंसारी तथा उसके भाई सांसद अफजाल अंसारी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस हत्याकांड में मुख्तार अंसारी, भाई अफजाल अंसारी, संजीव माहेश्वरी, हनुमान पांडेय उर्फ राकेश, एजाजुल हक, रामू मल्लाह और मुन्ना बजरंगी को आरोपी बनाया गया था। कृष्णानंद राय मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक निर्वाचित थे। सीबीआई ने इस मामले में मुख्तार अंसारी को मुख्य साजिशकर्ता माना था।