गाजीपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा में गिरफ्तार किए गए साल्वर गिरोह के सदस्यों ने बड़े पैमाने पर लोगों को अपने झांसे में लिया था। ये इस कार्य को बड़े ही व्यवस्थित तरीके से से अंजाम देते थे। परीक्षा शुरू होन के दो घंटे पहले सेटवार एबीसीडी फार्मेट में प्रश्न पत्र और उत्तर उपलब्ध करा देते थे। हालांकि पुलिस ने इस गिरोह के सरगना समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ से यह बात सामने आया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसमें डीएलडब्ल्यू वाराणसी के रहने वाले किशन मिश्रा और सुनील मिश्रा शामिल थे। ये प्रश्न पत्र आउट कराने और उत्तर कराने में सहयोग करते थे। इसके पहले भी सीटीईटी समेत कई परीक्षाओं में भी ऐसा कर चुके हैं।
इस गिरोह का सरगना शहर कोतवाली क्षेत्र के खिदिराबाद निवासी पिन्टू यादव उर्फ गोपेश यादव उर्फ नीरज यादव उर्फ मास्टर उर्फ सिपाही है, जो खुद को भारतीय तटतरक्ष बता रहा था और पोरबंदर में तैनाती स्थल। उसके पास से तीन आधार कार्ड बरामद किया था, जिसमें नाम को छोड़ बाकी सब एक ही था। गिरफ्तारी के दौरान बताया कि वह अपनी पहचान छुपाने के लिए कूट रचित तरीके से आधार कार्ड तैयार किया था, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित अभ्यर्थी को दिखा सके। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सभी पिंटू उर्फ गोपेश यादव के कहने पर इकट्ठा हुए थे। कुछ अभ्यर्थियों से प्राप्त पैसे को आपसे में बांटनें वाले थे। साथ ही आगे किस तरह से अधिक से अधिक परीक्षार्थों से संपर्क स्थापित कर अधिक से अधिक रुपये वसूले जाए के संबंध में आपस में विचार विमर्श कर रहे थे। इस रकम को आपस में मिल बांट कर अपनी शान शौक पूरी करते। प्रति अभ्यर्थी 8 लाख रुपये लेते, जिसमें परीक्षा पूर्व ही पूरा पैसा नहीं देते उनसे एक लाख रुपये व ब्लैंक चेक व उनके मूल अंक पत्र व प्रमाण पत्र ले लेते हैं। जब वह पूरा पैसा दे देते हैं तो उनके चेक व मूल प्रमाण पत्र वापस कर देते हैं। उन्होंने रामप्रताप चौहान, अनिल कुमार, अनिल कुमार, अखिलेश यादव, अखिलेश यादव आदि लोगों के हस्ताक्षर से एडवांस में चेक लिया था।
गैंग के सदस्य का ही था मकान
जंगीपुर थाना क्षेत्र के पीथापुर गांव निवासी कपिलदेव सिंह यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने भी कूट रचित तरीके से दो आधार कार्ड बनवा रखा था। वह गैंग का सक्रिय सदस्य था और उसका ही नोनहरा थाना क्षेत्र के मिरदादपुर में नया मकान है। जहां साल्वर गिरोह के भी सदस्य अपना अड्डा बनाए थे।
सांझे में आने वाले ये थे 29 अभ्यर्थी
इंद्रजीत कुमार यादव, प्रदुम्न यादव, अवधेश यादव, अभय यादव, राजेश प्रजापति, प्रमोद यादव, अवधेश यादव, मंगेश यादव, राजन राजभर, अभिशेष सिंह, उमाकान्त यादव, विजय यादव, रंजना यादव, अभय यादव, गीता यादव, नकुल सिंह यादव, सिंकन्दर यादव, भीष्म सिंह यादव, गोबिन्द कुमार यादव, राहुल यादव, छोटू सिंह यादव, अजीत यादव, अंजू, अरविंद कुमार यादव,नीरज यादव, विपिन यादव, कु.बेबी यादव, चन्दन गुप्ता, संजीत यादव शामिल थे।
सांझे में आए अभ्यर्थी ने ही दिखाया साहस, पुलिस को मिली सफलता
पुलिस भर्ती में उत्तीर्ण कराने का विश्वास दिलाने वालों की बातों से एक अभ्यर्थी को शक हो गया, जिसने इसकी पूरी कहानी पुलिस को बताई। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के मुताबिक इस गिरोह के सदस्यों को पूर्वाचल में नेटवर्क है। गिरफ्तार किए गए लोगों को यह पता नहीं था कि उनकी किससे-किससे सेटिंग हो चुकी है, क्योंकि पूरा खेल बड़े ही व्यवस्थित तरीके से चल रहा था।