जिले में बीते छह माह के दौरान पुलिस विभाग के 10 से अधिक सिपाहियों और उपनिरीक्षकों के खिलाफ विभिन्न मामलों में कार्रवाई की गई है।
इन मामलों में लापरवाही, अनुचित लाभ पहुंचाने, धन उगाही और अनुशासनहीनता जैसे आरोप सामने आए। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित, लाइन हाजिर करने के साथ विभागीय जांच भी शुरू की गई।
हाल के महीनों में अनुदेशकों की भर्ती के टेंडर में फर्जी वित्तीय दस्तावेज लगाने वाली कंपनियों की जांच को जानबूझकर कमजोर करने, हिरासत से आरोपी के फरार होने, हत्या के मामले में लापरवाही तथा निजी वाहनों पर पुलिस स्टिकर लगाकर धन उगाही जैसे मामलों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। इन मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की।