गाजीपुर। जिले में तापमान में लगातार गिरावट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। साथ ही सीएमओ डॉ.सुनील पांडेय ने भी सभी स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड में शीतलहर से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और नवजात जल्दी प्रभावित होते हैं, इसलिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर समुचित तैयारी अनिवार्य है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील पांडेय ने इमरजेंसी यूनिट में शीतलहर से प्रभावित मरीजों के लिए वार्ड आरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। निर्देशित किया कि सभी अस्पतालों की इमरजेंसी यूनिट में एक से दो बेड शीतलहर से प्रभावित मरीजों के लिए आरक्षित रखे जाएं। साथ ही अस्पतालों में हीटर, रेडिएंट वार्मर, थर्मल ब्लैंकेट, बेबी कैप, ग्लव्स और अन्य आवश्यक उपकरण पूरी तरह कार्यशील रहें। उन्होंने मेडिकल अधीक्षकों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में एंटीबायोटिक, विटामिन, पेनकिलर, सर्दी-जुकाम की दवाएं, सिरप और जरूरी इंजेक्शन का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए, ताकि किसी भी मरीज को दवा न मिलने की स्थिति न बने। वहीं, जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि शीतलहर के दौरान शरीर का तापमान तेजी से गिरता है, जिससे हाइपोथर्मिया का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को घरों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
न्यूनतम तापमान 10 डिग्री पहुंचा-गाजीपुर। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। सुबह और शाम की ठिठुरन के बीच शुक्रवार काे दिन में हल्की धूप निकली। दुकानदारों ने दुकान के बाहर बैठकर कामकाज निपटाया और राहगीरों ने भी धूप का पूरा फायदा उठाया। दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। जैसे ही सूर्य ढलने लगा, दिन में चल रहीं हल्की सर्द हवाएं अचानक तेज हो गईं और ठंडक हवा में घुलने लगी और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री पहुंच गया। इससे लोगों को ठंड का तेजी से एहसास होने लगा। बाजारों में जहां दोपहर तक भीड़ बनी रही,वहीं शाम होते-होते दुकानों के बाहर लोगों की संख्या कम होने लगी। आपदा विभाग के विशेषज्ञ अशोक राय के अनुसार उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते फिलहाल तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले कुछ दिनों में सुबह और शाम और ज्यादा ठंडी हो सकती है। वहीं अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 10 डिग्री दर्ज किया गया था।
सर्दी में त्वचा संबंधी दिक्कतें बढ़ीं, बच्चे और बुजुर्ग परेशान-गहमर। बढ़ती ठंड और शुष्क हवाओं ने लोगों की त्वचा संबंधी दिक्कतें बढ़ा दी है। तापमान गिरते ही हाथ-पैर में रुखापन, चेहरे पर सफेद परत, फटी त्वचा, खुजली और लाल दाने की समस्या से लोग परेशान हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। बच्चों और बुजुर्गों में त्वचा संबंधी दिक्कतें अधिक देखने को मिल रही हैं। इन दिनों त्वचा में नमी की कमी के कारण रुखेपन के साथ तमाम समस्याएं सामने आ रही हैं। इनमें बार-बार होने वाले दाने, फफूंद संक्रमण, सोरायसिस या एक्जिमा आदि के लिए विशेषज्ञों के परामर्श की आवश्यकता होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीज सुमन, अंजली, महालक्ष्मी ने बताया कि पैरों में इतनी खुजली हो रही है कि नींद नहीं आती। वहीं गनेश प्रसाद, हरिलाल, बाबूलाल का कहना है कि उनकी त्वचा ठंड के कारण फटने लगी है। डॉ. बद्री विशाल अग्रवाल ने बताया कि ठंड में अक्सर त्वचा की समस्या आती है। इसके लिए चिकित्सक से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।