इस मौके पर प्रांतीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने समाज के लोगों से संगठित होने की अपील करते हुए कहा कि संगठन मजबूत होगा, तभी हम मजबूत होंगे। संगठन का विस्तार करने की सलाह देते हुए कहा कि जल्द से जल्द हर स्तर पर संगठन की इकाई खड़ी करने की जरूरत है। सुभाषचंद्र बोस की मौत से संबंधित पत्रावली को केंद्र सरकार से जल्द से जल्द सार्वजनिक करने की मांग की। जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने राजनैतिक दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रोन्नत में आरक्षण पुन: लागू करने के लिए विधेयक लाने का प्रयास किया गया तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
समाज के नौजवानों से दहेज के खिलाफ अलख जगाने की अपील की। इस दौरान भगवान चित्रगुप्त की जयंती के अवसर पर 13 नवंबर को शोभायात्रा निकालने, सदस्यता अभियान एवं पारिवारिक विवरण जुटाने के कार्यक्रम को गति देने पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही 30 अगस्त को मरदह में हुई कायस्थ सम्मेलन की सफलता पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी गई। इस मौके पर गुलाब प्रसाद श्रीवास्तव, परशुराम लाल, शिवशंकर सिन्हा, परमानंद श्रीवास्तव, देवेंद्र श्रीवास्तव, अनूप, अश्विनी, नवीन, प्रवीण, रविंद्र श्रीवास्तव, अरुण सहाय, राजेश श्रीवास्तव, डा. सुधीर श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश, अमर सिंह राठौर, आनंद, अमित मौजूद थे।