गाजीपुर। जिला महिला अस्पताल में इन दिनों स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो चुकी हैं। डाक्टरों की कमी के चलते मरीज बेहाल तो थे ही तैनात चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के समय से नहीं पहुंचने के कारण महिला मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि सुबह 8.30 बजे तक कक्ष में डाक्टर नहीं मिले। दिन में 10 बजे सफाई होती रही। ऐसे में ओपीडी सभागार में मरीज डाक्टरों के आने का इंतजार करते नजर आए।
दिन में 10.10 बजे जिला महिला अस्पताल के कार्यालय की सफाई जारी थी। वहीं कर्मचारी बाहर खड़े होकर बात करने में मशगूल थे। 10.15 बजे अस्पताल के बाहर गेट पर मरीजों की थर्मल स्कैनिंग एवं जांच के लिए तैनात स्वास्थ्य कर्मी नदारद दिखाई पड़े। 10.20 तक पंजीकरण कक्ष पर महिला मरीजों द्वारा परामर्श पर्ची लेने के लिए भीड़ लगी थी। उस समय करीब 67 महिला मरीज उपचार के लिए पहुंच गई थीं। 10.30 बजे डाक्टर अपने कक्ष में बैठकर मरीजों को देख रहे थे। जबकि पास के ओपीडी कक्ष में डा. नीरज की कुर्सी खाली थी। महिला मरीजों ने जब डाक्टर के आने की जानकारी मांगी तो स्वास्थ्य कर्मी अभी आने की बात कहकर पल्ला झाड़ते हुए निकल पड़े।
10.35 बजे अधीक्षक डा. तारकेश्वर ओपीडी कक्ष में मौजूद नहीं थे। ओपीडी सभागार में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि डाक्टर साहब दवा भंडार केंद्र में गए हैं। ऐसे में महिला मरीज डाक्टर के आने का इंतजार करती रहीं। 10.40 बजे सफाई कर्मी द्वारा परिसर की सफाई की जा रही थी।
समय से नहीं मिलते हैं डाक्टर
जिला महिला अस्पताल में डाक्टरों के समय से नहीं बैठने से मरीज परेशान नजर आए। बरेसर निवासी विवेक, उसरी निवासी राजू यादव, यूसुफपुर के दिनेश, नोनहरा के मंगला ने बताया कि डाक्टरों के समय से अस्पताल नहीं पहुंचने से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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समय से ओपीडी कक्ष में पहुंचकर मरीजों को देखने का निर्देश शासन की ओर से है। अगर समय से डाक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंच रहे हैं तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी- डा. जीसी मौर्या, सीएमओ
रहे हैं तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी- डा. जीसी मौर्या, सीएमओ