मुहम्मदाबाद। रेवेन्यू बार एसोसिएशन की बैठक तहसील परिसर स्थित बार भवन में सोमवार को हुई। जिसमें तहसील न्यायालयों में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के मुद्दों पर विचार के बाद मंगलवार से न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
अधिवक्ताओं के हड़ताल पर रहने से तहसील के सभी न्यायालयों में न्यायिक कार्य ठप रहा। बैठक में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि न्यायालयों में कर्मचारियों के अतिरिक्त निजी व्यक्तियों को रखकर जबरन वसूली कराई जा रही है। साथ ही इन निजी व्यक्तियों द्वारा अधिवक्ताओं और वादकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने पर अधिवक्ताओं ने गहरा रोष व्यक्त किया। अधिवक्ताओं ने पेशकार के स्थान पर चपरासी की तरफ से कोर्ट में फाइलें पेश किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे न्यायालय की गरिमा के विरुद्ध बताया। अधिवक्ताओं ने चेताया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो अधिवक्ता 21 से न्यायिक कार्य से विरत रहने को बाध्य होंगे। बैठक में जयराम तिवारी, मंगला सिंह यादव, अमरनाथ यादव, काशीनाथ सिंह यादव, जयनारायण यादय, वीरेंद्र सिंह, अतुल राय सहित कई अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। अध्यक्षता बार के अध्यक्ष सुशील कुमार राय ने की।