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फर्जीवाड़े में लीपापोती शुरू, मृत व्यक्ति का बना दिया था जॉब कार्ड

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जमानिया। मनरेगा में हुए फर्जीवाड़े को लेकर अब लीपापोती शुरू हो गई है। स्थानीय विकासखंड के अधिकारी एवं कर्मचारी ग्राम प्रधान एवं सचिव को बचाने के लिए जुटे हुए हैं। अब तक कार्रवाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में सहजता के साथ अनुमान लगाया जा सकता है कि अनियमितता की जड़ कहां तक फैली हुई है।
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मालूम हो कि मुहम्मदपुर गांव में तीन वर्ष पूर्व मृत संजय गुप्ता का जॉबकार्ड बनाकर 14 दिनों तक मनरेगा के तहत काम करने का डिमांड विकासखंड में भेजा दिया गया। हैरानी की बात तो यह है कि बिना जांच के प्रस्ताव स्वीकृत भी कर लिया गया। यही नहीं, रोजाना मृतक द्वारा हाजिरी भी लगाना दिखाया गया और दोमुहिया पुलिया से गोपालपुर सिवान तक मिट्टी का कार्य में उसे शामिल होना में प्रदर्शित किया गया। यही नहीं, बाकाएदे डिमांड आईडी 98948 भी जेनरेट हो गई। इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत ग्रामीण जयप्रकाश यादव, विद्यानिवास उपाध्याय एवं बद्रे आलम खां ने आईजीआरएस पर मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से की। इसके चलते भुगतान तो रुक गया लेकिन जॉबकार्ड बनने, प्रतिदिन हाजिरी लगने एवं डिमांड आईडी जेनरेट होने जैसे तमाम बिंदु ऐसे हैं, जो फर्जीवाड़े के इस खेल को साफ प्रदर्शित कर रहे हैं। मृतकों को काम मिल जा रहा है, जबकि गांव के दर्जनों मजदूर काम के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। अब ऐसे में सवाल उठता है कि कैसे मृतक ने डिमांड किया और किस आधार पर काम आंवटित हो गया। इस संबंध में डीसी मनरेगा दिलीप कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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