स्वास्थ्य विभाग ने बीते वर्ष जून से जुलाई तक आयुष चिकित्सक, एएनएम, फार्मासिस्ट और क्षय रोग विभाग में संविदा पर भर्ती हुए कर्मचारियों के फाइलों की जांच बुधवार को अपर निदेशक डा प्रसून कुमार ने की। बीते
सितंबर माह में शासन ने साक्षात्कार के परिणाम पर रोक लगाकर जांच का निर्देश विभाग के उच्चाधिकारियों को दिया था। कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में बंद पड़ी स्वास्थ्य कर्मियों की संविदा भर्ती प्रक्रिया बीते वर्ष के मई माह
में शुरू हुई थी। इसके तहत आयुष चिकित्सक, एएनएम, फार्मासिस्ट और क्षय रोग नियंत्रण विभाग में खाली पड़े पदों पर स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके तहत करीब सभी पदों के लिए 2
हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके बाद सभी अभ्यर्थियों का साक्षात्कार विभाग की ओर से बीते 24 जून से 17 जुलाई तक कराया गया था। साक्षात्कार समाप्त होने के एक माह बाद ही शासन ने साक्षात्कार के परिणाम पर रोक
लगाते हुए जांच के आदेश विभाग के उच्चाधिकारियों को दिया था। शासन की ओर से नामित जांच अधिकारी अपर निदेशक डॉ. प्रसून कुमार सुबह ही सीएमओ कार्यालय धमक गए और सीएमओ कक्ष में बैठक कर घंटों भर्ती और
साक्षात्कार प्रक्रिया के फाइलों की गहनता से जांच की। इससे पूर्व उन्होंने जिला अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण, पानी और बिजली की व्यवस्था की जानकारी सीएमएस डॉ. एके मिश्रा से ली।