कामूपुर गांव में जवान तबरेज आलम का शव आने के बाद घर के बाहर लगी ग्रामीणों की भीड़।
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दुबिहा। करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के कामूपुर गांव में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सशस्त्र सुरक्षा बल की 18वीं बटालियन में तैनात तबरेज आलम (26) की इलाज के दौरान दो दिन पूर्व मौत हो गई थी। रविवार को शव घर पहुंचते ही परिजनों के बिलखने से गांव में मातम छा गया। छत्तीसगढ़ से आए कमांडर आदेश कुमार ने जवान को सलामी देकर अंतिम विदाई दी। तबरेज आलम 2012 में सशस्त्र सुरक्षा बल की 18वीं बटालियन में तैनात हुए थे। दो मार्च को अचानक तबीयत खराब होने पर साथियों ने रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया जहां पांच मार्च तक भर्ती रहे। सुधार न होता देख दूसरे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। बटालियन से खबर परिजनों को दी गई तो घर में मातम छा गया। कमांडर आदेश कुमार ने बताया कि दु:ख है कि काफी प्रयास के बाद भी साथी को बचाया नहीं जा सका। पिता सुल्तान अहमद ने बताया कि एकलौता कमाऊ बेटा जीवन के अंतिम पड़ाव में साथ छोड़कर चला गया। इधर पत्नी शबा बानो बेसुध होकर अपने पांच वर्षीय पुत्र सैफ आलम और तीन वर्षीय पुत्री गुनगुन को गोद में लेकर बैठी थी। देर शाम पार्थिव शरीर को सुपुर्दे खाक किया गया।