वैभव व श्रृष्टि, बहादुरगंज-गाजीपुर।
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गाजीपुर। शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरे दिन बुधवार को भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने आज व्रत रखा तथा भगवान कृष्ण के जन्म पर उत्सव मनाया। रात 12 बजते ही कन्हैया का जन्म हुआ। घंट, घड़ियाल बजाकर खुशी जताई गई। महिलाओं ने सोहर गाया तथा एक दूसरे को बधाइयां दी। जिले के कई भागों में मंगलवार को ही जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। घर-घर ढोल रखे गए। पंडालों में भी सजावट की गई लेकिन जन्माष्टमी दो दिन पड़ने के कारण हर जगह डोल और झाकियों को वैसे ही छोड़ दिया गया। इस दौरान हर जगह भजन, कीर्तन और पूजन- अर्चन का दौर बना रहा। लोग घूम कर डोल और पंडालों में सजाई गई झांकियों का दर्शन किया।
मंगलवार को उदया तिथि में सप्तमी था। बाद में 9:07 बजे के बाद से अष्टमी शुरू हुआ। इसको देखते हुए अधिकतर लोगों ने अष्टमी का पर्व मंगलवार को ही मना लिया, लेकिन भगवान के जन्म का रोहिणी नक्षत्र अगले दिन बुधवार को आया और इस दिन भी अष्टमी बना रहा। इसको देखते हुए इस बार यह पर्व दो दिनों तक मनाया गया। कोरोना संक्रमण तथा इसके बचाव की दृष्टि से हर काफी सादगी ही देखने को मिली। घरों में साफ-सफाई के बाद डोल रखे गए थे, वही पंडालों में भी आकर्षक झांकियां सजाई गई थी। श्री कृष्ण मंदिरों में भी सजावट की गई थी। रात को 12 बजते ही भगवान का जन्म हुआ। घंट घड़ियाल से पूरा नगर गूंज उठा। हर जगह नंद को आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की और जयकारे किए जाने लगे। महिलाओं ने सोहर गया तो कहीं कही रात भर कीर्तन भजन का क्रम चलता रहा। शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने पंडालों में भ्रमण भी किया तथा झांकियों को देखा। इसमें श्री कृष्ण जन्म से संबंधित कारागार बनाकर भगवान कृष्ण का जन्म दिखाया गया था। कही का यमुना पार करना तथा इसके साथ ही कृष्ण से जुड़े प्रसंगों पर झांकियां रखी गई थी। कई स्थानों पर रुई के पहाड़, झरने तथा अन्य प्राकृतिक दृश्य भी सजाए गए थे जिसकी लोगों ने खूब सराहना की। श्री कृष्ण मंदिरों में भी रात को जन्म उत्सव मनाया गया दूसरे दिन भी घंटा घड़ियाल बजाए गए तथा भगवान श्री कृष्ण के जयकारे लगाए गए बता दें कि श्री कृष्ण जन्मस्थान मथुरा में बुधवार को ही जन्मोत्सव था। इसको देखते हुए सभी मंदिरों में सादगी से दूसरे दिन भी जन्म उत्सव मनाया गया। उधर बाल रूप श्रीकृष्ण के मनमोहक स्वरूप को देख लोग उसकी तरफ आकर्षित होते रहे। कई जगह भगवान कृष्ण के साथ राधा जी भी मौजूद थी।
ध्रुव राय-फुल्लनपुर, गाजीपुर।- फोटो : GHAZIPUR