जंगीपुर कांड में छात्र नेता विवेकानंद पांडेय सहित दस लोगों पर गैंगस्टर लगाने के विरोध में लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी जंगीपुर बाजार पूरी तरह से बंद रहा। इस दौरान लोग चाय-पान को तरह गए। सबसे ज्यादा निराशा आसपास के क्षेत्रों के उन लोगों को हुई, जिन्हें बंदी की जानकारी नहीं थी और वे बाजार में खरीदारी के लिए आए थे। उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
छात्रनेता विवेकानंद पांडेय सहित अन्य दस लोगों पर से गैंगेस्टर हटाने की मांग को लेकर 10 सितंबर को व्यापारियों ने जंगीपुर बाजार को पूरी तरह से बंद रखा था। इस दौरान जंगीपुर मंडी परिसर में आयोजित बैठक में व्यापारियों ने एक स्वर से आवाज उठाई थी कि जंगीपुर घटना के दोषी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को बर्खास्त कर उन्हें जेल भेजा जाए।
चेतावनी दी थी कि जंगीपुर कांड में निर्दोष लोगों पर से गैंगेस्टर की कार्रवाई अविलंब वापस लिए जाने के बाद ही अनिश्चितकालीन बंदी खत्म होगी। अगर हमारी मांग नहीं मानी गई तो इस बंदी को पूरे जिले में लागू किया जाएगा।
मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम एके सिंह और सीओ वेदप्रकाश सिंह ने व्यापारियों से वार्ता करते हुए व्यापारियों को समझाया था वह अनिश्चितकालीन बंदी न करें, लेकिन व्यापारी मांग को लेकर अपनी जिद पर अड़े रहे। इस पर अधिकारियों को वहां से लौटना पड़ा था। लगातार तीसरे दिन जंगीपुर बाजार बंद होने से लोग चाय-पान को तरस गए हैं।