जोगीवीर गंगा घाट पर पिता जोगिंद्र सिंह यादव के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देते निर्भय सिंह यादव।
भांवरकोल। थानाक्षेत्र के सलारपुर गांव में नीलगाय की टक्कर से घायल आईटीबीपी के जवान जितेंद्र सिंह यादव की मंगलवार को बलिया जनपद के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। श्मशान घाट पर छपरा से पहुंचे आईटीबीपी के 16 जवानों ने जवान के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। वहीं, छह वर्षीय निर्भय सिंह यादव के पिता को मुखाग्नि देते देख मौके पर मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं।
पिता जमुना यादव ने बताया कि जितेंद्र सिंह यादव 2009 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग बिहार राज्य के छपरा में थी। बीते 23 अप्रैल को 15 दिनों की छुट्टी पर घर पहुंचे थे। 24 अप्रैल की रात बाइक से डेरे पर जाते समय नीलगाय से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने उन्हें वाराणसी स्थित एक अस्पताल में इलाज के लिए ले गए, जहां डॉक्टरों ने छह माह तक आराम करने की सलाह दी थी। चार मई को ससुराल बलिया में उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें बलिया के जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान दोपहर करीब 12 बजे आईटीबीपी जवान जितेंद्र सिंह यादव का निधन हो गया। बुधवार को पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। दूसरी ओर जोगीवीर गंगा घाट पर आईटीबीपी के इंस्पेक्टर सूर्यनाथ यादव के नेतृत्व में पहुंची 16 सदस्यीय टीम ने जवान के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।